Health

उदयपुर-जयपुर वंदे भारत ट्रेन को डिरेल कराने की साजिश, ट्रैक पर बिछाए गए थे पत्थर और सरिए

2023/Oct/02 PRJ News Bureau

जयपुर: राजस्थान के उदयपुर से जयपुर रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (Udaipur-Jaipur Vande Bharat Express) ट्रेन को शरारती तत्वों ने डिरेल (Train Derail) कराने की कोशिश की. हालांकि, लोक पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया. दरअसल, वंदे भारत ट्रेन उदयपुर से सुबह 7.50 बजे रवाना होकर चित्तौड़गढ़ पहुंची थी. चित्तौड़गढ़ से करीब 9.30 बजे भीलवाड़ा के लिए निकली थी. इस बीच रास्ते में सोनियाणा और गंगरार रेलवे स्टेशन के बीच लोको पायलट को पटरियों में कुछ गड़बड़ी की आशंका हुई. लोको पायलट ने ट्रेन को रोक दिया. ट्रेन से उतरकर देखा, तो करीब 50 फीट की पटरी पर टुकड़ों-टुकड़ों में पत्थर और सरिए लगे हुए थे.

लोको पायलट ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी. इसके बाद मौके पर पुलिस के साथ ही रेलवे के तमाम अधिकारी पहुंच गए. शुरुआती जांच में सामने आया कि क्षेत्र में ही रहने वाले कुछ शरारती लोगों ने इस तरीके की हरकत की है. मामले की रेलवे पुलिस जांच कर रही है.

रेलवे ने क्या कहा?

रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) शाही किरण ने कहा, “ट्रैक पर एक-एक फीट लंबी दो छड़ें थीं. लोको पायलट ने सूझबूझ का परिचय दिया. उन्होंने न सिर्फ सारा मलबा हटा दिया, बल्कि यह सुनिश्चित किया कि पूरा रूट क्लियर हो जाए. उन्होंने कंट्रोल रूम को भी सूचित किया. इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) की टीमों को मौके पर भेजा गया.”

 

24 सितंबर PM मोदी ने दिखाई थी हरी झंडी

उदयपुर-जयपुर वंदे भारत ट्रेन हाल ही 24 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा हरी झंडी देकर रवाना की गई थी. इसके साथ में देश की 9 वंदे भारत ट्रेन को जल्दी दी गई थी. वंदे भारत ट्रेन मंगलवार को छोड़कर पूरे सप्ताह में सुबह अपने तय समय पर निकलती और दोपहर तक जयपुर पहुंच रही है.

6 घंटे 15 मिनट में तय करती है 435 किलोमीटर की दूरी

वंदे भारत ट्रेन 435 किलोमीटर की दूरी 6 घंटे 15 मिनट में तय करती है. इसके लॉन्च से पहले इस रूट की अन्य ट्रेनों को इस रूट पर सात घंटे का समय लगता था.

 

8 दिन में ये दूसरी घटना

उदयपुर से जयपुर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के साथ 8 दिन में ये दूसरी घटना है. कुछ दिन पहले ही ट्रेन पर एक युवक पत्थर मारकर कांच तोड़ दिए थे. घटना गंगरार (भीलवाड़ा) के मेवाड़ कॉलेज के पास हुई थी.

 

 

Related Articles

Back to top button