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डेंटल सर्जन से चीफ मिनिस्टर तक, त्रिपुरा के CM पद की आज शपथ लेने वाले माणिक साहा की कहानी

मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह 15 मई को सुबह 11:30 बजे अगरतला स्थित राज भवन में होगा। डॉ साहा राज्यसभा सांसद और राज्य में पार्टी के प्रमुख हैं। यहां अगले साल मार्च में विधानसभा चुनाव होना है।

2022 May/15 PRJ न्यूज़ ब्यूरो

माणिक साहा आज त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वह बिप्लब कुमार देब की जगह लेंगे, जिन्होंने शनिवार को पद से इस्तीफा दे दिया। भाजपा ने आश्चर्यजनक कदम उठाते हुए राज्यसभा सदस्य माणिक साहा को त्रिपुरा का नया मुख्यमंत्री बनाया है। मालूम हो कि पूर्वोत्तर राज्य में 2018  में वाम मोर्चे के 25 साल के शासन को समाप्त कर भाजपा के सत्ता में आने के बाद देब को मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था।

मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह 15 मई को सुबह 11:30 बजे अगरतला स्थित राज भवन में होगा। डॉ साहा राज्यसभा सांसद और राज्य में पार्टी के प्रमुख हैं। यहां अगले साल मार्च में विधानसभा चुनाव होना है। डेंटल सर्जरी के प्रोफेसर डॉ साहा से पूर्वोत्तर राज्य में बहुकोणीय मुकाबले के बीच विधानसभा चुनावों में पार्टी को जीत की ओर ले जाने की उम्मीद की जाएगी, जहां तृणमूल कांग्रेस भी एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरने की कोशिश कर रही है।

2016 में कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हुए साहा
माण‍िक साहा त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। मुख्यधारा की राजनीति में आने से पहले वह हापनिया स्थित त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में पढ़ाया करते थे। साहा 2016 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। उन्हें 2020 में पार्टी प्रमुख बनाया गया और इस साल मार्च में राज्यसभा के लिए चुने गए। साहा ने खुद को मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद कहा कि मैं पार्टी का एक आम कार्यकर्ता हूं और आगे भी रहूंगा।

इस्तीफे के बाद देब बोले- पार्टी सबसे ऊपर
देब ने राज्य में तेजी से बढ़ते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अपने पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने राज्य के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को अपना इस्तीफा सौंपा। देब ने कहा, “पार्टी सबसे ऊपर है। मैं भाजपा का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं। मुझे लगता है कि जो जिम्मेदारी दी गई, उसके साथ मैंने न्याय किया फिर चाहे राज्य भाजपा इकाई के अध्यक्ष का पद हो या त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी। मैंने त्रिपुरा के संपूर्ण विकास के लिए कार्य किया और सुनिश्चित किया कि राज्य के लोगों के लिए शांति हो।”

उत्तराखंड में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदलने का दांव सफल रहा
गौरतलब है कि उत्तराखंड में चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री बदलने का दांव सफल रहने के मद्देनजर भाजपा के शीर्ष नेताओं ने त्रिपुरा में भी इसी तरह के बदलाव का विकल्प चुना, जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं। भाजपा ने 2019 के बाद से गुजरात और कर्नाटक सहित पांच मुख्यमंत्रियों को बदला है। साहा पूर्वोत्तर से कांग्रेस के ऐसे चौथे पूर्व नेता हैं जो भाजपा में शामिल होने के बाद क्षेत्र में मुख्यमंत्री बनेंगे। यह इसका स्पष्ट संकेत है कि किसी भी नेता का चुनाव-संबंधी मूल्य पार्टी के लिए सर्वोपरि है।

 

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