National

भीषण गर्मी के बीच क्या करें और क्या न करें राज्य सरकारें? स्वास्थ्य तैयारियों को लेकर केंद्र ने लिखा पत्र

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक पत्र में कूलिंग एप्लायंस के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति का भी आग्रह किया है। देश भर में बिजली की कमी के बीच, "जहां भी संभव हो" सोलर पैनल के इस्तेमाल का सुझाव दिया गया है।

2022 मई /02 PRJ न्यूज़ ब्यूरो

देश में भीषण गर्मी जारी है, ऐसे में केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए कहा है। देशभर में तापमान बढ़ने और गर्म हवाएं चलने के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों से अनुरोध किया है कि स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता के लिए समीक्षा की जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो।

सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक पत्र में कूलिंग एप्लायंस के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति का भी आग्रह किया है। देश भर में बिजली की कमी के बीच, “जहां भी संभव हो” सोलर पैनल के इस्तेमाल का सुझाव दिया गया है।

पत्र में कहा गया है कि मौसम विभाग ने मध्य, पश्चिमी और उत्तरी भारत के लिए सामान्य से अधिक तापमान की भविष्यवाणी की है, जहां पारा पहले ही कई स्थानों पर 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जो सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को शनिवार को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया कि सभी जिलों को ‘गर्मी संबंधी बीमारियों पर राष्ट्रीय कार्य योजना’ संबंधी दिशानिर्देश दस्तावेज भेजा जाए ताकि लू लगने के मामलों का प्रभावी प्रबंधन किया जा सके।

शराब पीने की मनाही

स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाओं और उपभोग्य सामग्रियों जैसे IV फ्लूइड, ओआरएस, आइस पैक और ठंडे पीने के पानी के साथ तैयार रहने के लिए कहते हुए, केंद्र ने गर्मी से संबंधित समस्याओं को रोकने और प्रबंधित करने के लिए दिशानिर्देशों की एक सूची जारी की है।

लोगों को दिन के गर्म हिस्सों के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह देते हुए, दिशानिर्देशों में कहा गया है कि लोग बाहर निकलते समय अपने सिर को छतरियों या टोपी से ढक लें। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि “दिन के ठंडे हिस्सों के दौरान बाहरी गतिविधियों को रीशेड्यूल या प्लान करें।” लोगों को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहना चाहिए और प्यास न होने पर भी नियमित रूप से पानी पीना चाहिए। दिशानिर्देशों में शराब, गर्म पेय या कार्बोनेटेड पेय के सेवन के खिलाफ सलाह दी गई है।

दैनिक निगरानी रिपोर्ट को राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र से शेयर करें राज्य

पत्र में उल्लेख है कि एक मार्च से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के तहत गर्मी से संबंधित बीमारियों पर दैनिक निगरानी रखी जा रही है। इसमें कहा गया, ‘‘कृपया सुनिश्चित कीजिए कि इन दैनिक निगरानी रिपोर्ट को राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के साथ साझा किया जाए।’’

भूषण ने पत्र में लिखा, ‘‘भारत मौसम विज्ञान विभाग और एनसीडीसी द्वारा राज्यों के साथ साझा दैनिक गर्मी संबंधी चेतावनियां अगले तीन से चार दिन तक लू चलने के पूर्वानुमान को व्यक्त करती है। और इन्हें जिला तथा स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर तेजी से भेजा जा सकता है।’’ उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के क्षमता निर्माण के प्रयास जारी रखने चाहिए।

अगर लोग शरीर के उच्च तापमान, बेहोशी या परेशानी की स्थिति, या पसीने की कमी जैसे गर्मी से संबंधित किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं, तो उन्हें 108/102 हेल्पलाइन पर संपर्क करने के लिए कहा गया है।

40 डिग्री सेल्सियस या 104 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर का शरीर का तापमान, मांसपेशियों की कमजोरी और ऐंठन, मतली और उल्टी, तेज दिल की धड़कन और गहरी सांस को एक चिकित्सा आपातकाल के रूप में पहचाना गया है। ऐसे किसी भी लक्षण को देखने पर चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

Related Articles

Back to top button