Health

मैं आपके नेता को चैलेंज करता हूं…”: असदुद्दीन ओवैसी की राहुल गांधी को खुली चुनौती

2023/Sept/25 PRJ News Bureau

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) की तारीख का ऐलान अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन देश में सियासी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है. राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्‍यारोप के दौर के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने रविवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को आगामी लोकसभा चुनाव में वायनाड से नहीं, बल्कि हैदराबाद से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है.

“मैदान में आओ और मेरे खिलाफ

“ओवैसी अपने संसदीय क्षेत्र हैदराबाद में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विवादित ढांचा को सबसे पुरानी पार्टी के शासन में ध्वस्त कर दिया गया था. उन्होंने कहा, “मैं आपके नेता (राहुल गांधी) को चैलेंज करता हूं कि वह वायनाड से नहीं, बल्कि हैदराबाद से चुनाव लड़ें. आप बड़े-बड़े बयान देते रहो, मैदान में आओ और मेरे खिलाफ लड़ो. कांग्रेस के लोग बहुत कुछ कहेंगे, लेकिन मैं तैयार हूं.”

 

राहुल गांधी ने तेलंगाना में विजयभेरी सभा में कहा था…

तेलंगाना में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. अगले साल देश में लोकसभा चुनाव भी होने हैं. ऐसे में कांग्रेस और एआईएमआईएम आमने-सामने नजर आ रही हैं. दोनों पार्टियां अभी से चुनाव की तैयारियों में जुट गई हैं. इस महीने की शुरुआत में राहुल गांधी ने तेलंगाना के तुक्कुगुडा में विजयभेरी सभा में कहा था कि भारतीय जनता पार्टी, भारत राष्ट्र समिति और एआईएमआईएम तेलंगाना में एकजुट होकर काम कर रहे हैं और उनकी पार्टी इस तिकड़ी के खिलाफ लड़ रही है.

राहुल का दावा- BRS, बीजेपी और AIMIM के साथ मिलकर लड़ रही

राहुल गांधी ने कहा था, “तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी बीआरएस के खिलाफ नहीं, बल्कि बीआरएस, बीजेपी और एआईएमआईएम के साथ मिलकर लड़ रही हैं. वे खुद को अलग-अलग पार्टियां कहते हैं, लेकिन एकजुट होकर काम कर रहे हैं.” वायनाड सांसद ने यह भी दावा किया था कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव या एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ कोई सीबीआई-ईडी मामले नहीं हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें “अपने लोग” मानते हैं.

 

दरअसल, तेलंगाना विधानसभा चुनाव में विजयी होने के लिए मैदान में उतरे सभी राजनीतिक दल कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. सत्तारूढ़ बीआरएस ने पहले ही अपने उम्मीदवारों की सूची घोषणा कर दी है, जबकि कांग्रेस ने अपनी “छह गारंटी” की घोषणा की है, जिसके बारे में पार्टी का कहना है कि अगर वे सत्ता में आए, तो उन्हें पूरा किया जाएगा.

Related Articles

Back to top button