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जेडीयू के 5 विधायक बीजेपी में , नीतीश से बिहार का बदला नॉर्थ ईस्ट में !

बीजेपी ने नीतीश कुमार को बड़ा झटका दिया है। नॉर्थ ईस्ट राज्य मणिपुर में जेडीयू के 6 में से 5 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के सभी विधायक बीजेपी में चले गए थे।

2022 सितंबर 03/PRJ न्यूज़ ब्यूरो:

बीजेपी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बिहार का बदला नॉर्थ ईस्ट में ले लिया है। बीजेपी ने जेडीयू के खिलाफ अरुणाचल प्रदेश के बाद ऑपरेशन मणिपुर चलाया है। मणिपुर में बीजेपी ने नीतीश की पार्टी के पांच विधायकों को तोड़कर अपने खेमे में शामिल कर लिया है। नीतीश कुमार के बिहार में एनडीए से अलग होने के बाद चर्चा थी कि मणिपुर में जेडीयू विधायक एन बिरेन सिंह सरकार से अपना समर्थन वापस ले सकते हैं। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में भी जेडीयू के सभी विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे।

मणिपुर के विधानसभा अध्यक्ष ने जेडीयू विधायकों के बीजेपी में विलय को स्वीकार कर लिया है। जो विधायक जेडीयू से बीजेपी में गए हैं, उनके नाम केएच जॉयकिशन, एन सनाते, मोहम्मद अछबउद्दीन, ए एम खाउटे और थांगजाम अरुण कुमार हैं। मणिपुर में इसी साल विधानसभा चुनाव हुए थे। 60 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 32 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। साथ ही जेडीयू ने 6 सीटें जीतकर लगभग 10 फीसदी वोट हासिल किए और सभी को चौंका दिया था। पिछले महीने ही चुनाव आयोग ने मणिपुर में जेडीयू को राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा दिया था। हालांकि, यहां जेडीयू के कुछ विधायक बीजेपी के ही बागी थे। बीजेपी ने उनका टिकट काटा तो वे जेडीयू से चुनाव लड़े और जीत गए।

इससे पहले 2020 में अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के सात में छह विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे। उनमें से जो एक MLA बचा था वो भी बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद बीते 24 अगस्त को बीजेपी में आ गया। जब बिहार में जेडीयू ने बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ा, तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने अरुणाचल प्रदेश का हवाला दिया था। बीजेपी द्वारा लगाए गए धोखा के आरोप पर उन्होंने कहा था कि अरुणाचल में जेडीयू विधायकों को तोड़ना कौन सा गठबंधन धर्म था। गठबंधन में कौन ऐसे करता है। वाजपेयी-आडवाणी युग में गठबंधन की एक पार्टी दूसरी पार्टी के विधायक को शामिल नहीं कराती थी लेकिन अब ये सहयोगियों को ही खत्म करने में लगे हुए हैं।

नीतीश की केंद्र पर नजर

बता दें कि पिछले महीने ही नीतीश कुमार ने बिहार में एनडीए से नाता तोड़कर महागठबंधन के साथ सरकार बना ली। नीतीश कुमार बीजेपी से अलग होकर आरजेडी-कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन से दोबारा मुुख्यमंत्री बने। अब उनकी नजर 2024 के लोकसभा चुनाव पर टिकी है। वे देशभर में बीजेपी विरोधी दलों को एकजुट करने में लगे हैं। आने वाले समय में वे दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा समेत अन्य राज्यों का दौरा करेंगे।चर्चा है कि नीतीश कुमार खुद को विपक्ष का पीएम कैंडिडेट घोषित करवाने की जुगत में हैं।

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