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बाल श्रमिकों की विमुक्ति हेतु दरभंगा नगर निगम एवं सदर अनुमण्डल क्षेत्र के विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में धावा दल की टीम द्वारा चलाया गया सघन जाँच अभियान

सिंहवाड़ा के एक प्रतिष्ठान से एक बाल श्रमिकों को कराया गया विमुक्त

2022 नवंबर 19 / PRJ न्यूज़ ब्यूरो:
बाल श्रमिकों की विमुक्ति हेतु दरभंगा नगर निगम एवं सदर अनुमण्डल क्षेत्र के विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में धावा दल की टीम द्वारा चलाया गया सघन जाँच अभियान
गौरतलब है कि 14 नवम्बर को देश में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, जबकि 20 नवम्बर को सम्पूर्ण विश्व में बाल दिवस मनाया जाता रहा है। इस वर्ष 14 नवम्बर से 20 नवम्बर की अवधि में सरकार एवं महत्वपूर्ण घटक यूनिसेफ़ द्वारा चाइल्ड राइट वीक (बाल अधिकार सप्ताह) मनाया जा रहा है, जिसमें श्रम आयुक्त, बिहार पटना के निर्देश के आलोक में दरभंगा जिला अन्तर्गत सभी कुशल युवा केन्द्र और सभी प्रखण्ड में चाइल्ड राइट वीक मनाया जा रहा है।
इसी क्रम में आज श्रम अधीक्षक, दरभंगा राकेश रंजन के द्वारा बाल श्रमिकों की विमुक्ति हेतु दरभंगा नगर निगम एवं दरभंगा सदर अनुमण्डल क्षेत्र अन्तर्गत विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में धावा दल की टीम के द्वारा सघन जाँच अभियान चलाया गया। जाँच के क्रम में धावा दल की टीम द्वारा प्रतिष्ठान पप्पू मोटर गैराज, भरवारा, सिंहवाड़ा से एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया। उन्होंने बताया कि विमुक्त बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति, दरभंगा के समक्ष उपस्थापित कर निर्देशानुसार उन्हें बाल गृह में रखा गया है। इसके साथ ही बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत नियोजक के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल श्रमिकों से किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अन्तर्गत गैर-कानूनी है तथा बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों के लिए 20 हजार से 50 हजार रूपये तक तक का जुर्माना और 02 वर्षों तक के कारावास का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा एम.सी. मेहता बनाम तमिलनाडु सरकार 1996 में दिए गए आदेश के आलोक में नियोजकों से 20 हजार रुपये प्रति बाल श्रमिक की दर से अलग से राशि की वसूली की जाएगी, जो जिलाधिकारी के पदनाम से संधारित जिला बाल श्रमिक पुनर्वास-सह-कल्याण कोष में जमा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस राशि को जमा नहीं कराने वाले नियोजक के विरुद्ध एक सर्टिफिकेट केस या नीलाम पत्र वाद अलग से दायर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज के धावा दल टीम के सदस्य के रूप में दिलीप कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, दरभंगा सदर, लक्ष्मण कुमार झा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सिंहवाड़ा, मनीष कुमार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, जाले, अमित कुमार कश्यप, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, बहादुरपुर, विष्णुधर शर्मा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, केवटी, चाइल्ड लाइन के सदस्य अमरेश कुमार झा, ईफिकोर संस्था के निवेश कुमार, सेव द चिल्ड्रन के जिला समन्वयक सहाब हसन खान, पुलिस केन्द्र, दरभंगा से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के पुलिसकर्मी शामिल थे।
उन्होंने कहा कि धावा दल टीम द्वारा आज दरभंगा नगर निगम क्षेत्र एवं दरभंगा अनुमण्डल क्षेत्र स्थित सभी दुकान एवं प्रतिष्ठानों में सघन जाँच की गई तथा सभी नियोजकों से किसी भी बाल श्रमिक को नियोजित नहीं करने हेतु एक शपथ पत्र भरवाया गया तथा सभी दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में बाल श्रम मुक्त परिसर से संबंधित स्टीकर भी चिपकाया गया। श्रम अधीक्षक द्वारा बताया गया कि धावा दल नियमित रूप से प्रत्येक सप्ताह संचालित होगा तथा दरभंगा शहर के साथ-साथ सभी अनुमण्डल मुख्यालय एवं प्रखण्ड मुख्यालयों में भी संचालित की जाएगी तथा बाल श्रमिकों की विमुक्ति एवं बाल श्रमिकों को नियोजित करने वाले नियोजकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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