Jorhat

JORHAT : जोरहाट चिकित्सा महाविद्यालय में कुप्रबंधन पर भड़का आसू

कहीं मशीनें खराब तो कहीं चिकित्सक की कमी से दोहरी मार झेल रहे रोगी, मुख्यमंत्री को ज्ञापन में समाधान की मांग

2022 अक्टूबर 13 / PRJ न्यूज़ ब्यूरो,जोरहाट :

 

जोरहाट चिकित्सा महाविद्यालय में कुप्रबंधन को लेकर जारी बवाल के बीच बुधवार को  आसू ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को एक ज्ञापन प्रेषित किया। एक तरफ अस्पताल के स्नायु रोग विभाग में मशीनें चिकित्सक के अभाव में बंद पड़ी है, वहीं रेडियोलॉजी विभाग में मशीनें खराब होने से समस्या गंभीर होती जा रही है।

यह दोनों तरफ की मार आम लोगों को परेशानी में डाल रही है। उल्लेखनीय है कि आजादी के 75 साल बाद भी जोरहाट में एक अच्छा व सरकारी अस्पताल लोगों की पहुंच से दूर है। साल 2009 में स्थापित जोरहाट चिकित्सा महाविद्यालय केवल बाहर से ही चकाचक नज़र आता है, जबकि अंदर से हाल बेहाल है। करोड़ों रुपयों की योजनाएं यहां धूल फांक रही है और विकास के नाम पर यह केवल राजनैतिक दलों के लिए चुनाव जीतने का हथकंडा ही साबित हो रहा है। संस्थान के महत्वपूर्ण स्नायु रोग विभाग में तैनात चिकित्सक के सेवानिवृत्त होने के बाद से यहां ताला लगा है।

वहीं मात्र एक अल्ट्रासाउंड मशीन से यहां रोज़ाना हज़ारों मरीजों का इलाज होने से एक असहज परिस्थिति पैदा हो रही है। राज्य सरकार व स्वास्थ्य विभाग की इस ओर अनदेखी को लेकर समय-समय पर आवाज उठाते आ रहे आसू ने आज फिर मुखरता के साथ मुद्दे पर अपनी बात रखी। जिला आसू के अध्यक्ष संकल्प गोगोई व महासचिव अर्जुनमणि भुयां ने बंद पड़े स्नायु विभाग को पुनः शुरू करने व अतिरिक्त अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था करने जैसी विभिन्न मांगों को लेकर जिला उपायुक्त के मार्फत मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। एक प्रेस विज्ञप्ति में इन दोनों आसू नेताओं ने कहा कि जोरहाट चिकित्सा महाविद्यालय जोरहाट के साथ ही निकटवर्ती अंचल के रोगियों के लिए एक आशा की किरण बना है।

लेकिन स्नायु रोग विभाग विशेष रूप से स्नायु शल्य चिकित्सा विभाग विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में बंद होने के बाद आज तक शुरू नही हुआ है। वहीं रेडियोलॉजी विभाग में मौजूद पांच अल्ट्रासाउंड मशीन में से सिर्फ एक मशीन काम कर रही है। यह स्थिति जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में खतरे की घंटी है। उपयुक्त आधारभूत संरचना न होने से रोगियों को हो रही दिक्कत दूर करने के साथ ही जोरहाट चिकित्सा महाविद्यालय को पूर्णांग रूप देने की मांग आसू नेताओं ने की है।

संगठन के केंद्रीय सांगठनिक सचिव जीतू नेउग व केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य दीप दत्त ने कहा कि 15 सालों से राज्य में जो स्वास्थ्य मंत्रालय संभाल रहे थे, वे आज मुख्यमंत्री है। इस लिहाज से बेहतर चिकित्सा के लिए जनता को परेशानी झेलनी पड़े, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल में विभागों के बंद होने व पर्याप्त उपकरण न होने से निजी अस्पतालों में अपनी गाढ़ी कमाई खर्च कर लोगों को इलाज करवाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं का ढोल पीटने वाली सरकार के राज में यह स्थिति सभी दावों को मुंह चिढ़ा रही है। संगठन ने जल्द से जल्द यहां चीजें दुरुस्त करने की मांग की है।

Related Articles

Back to top button