Bihar

BIHAR : बिहार में हड़ताल पर गये जूनियर डॉक्टर्स, स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई !

अगस्त 22 PRJ न्यूज़ ब्यूरो, पटना:

बिहार के जूनियर डॉक्‍टर्स हड़ताल पर, अस्पताल में स्‍वास्‍थ्‍य सेवा बाधित

बिहार से इस वक्‍त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. जूनियर डॉक्‍टर्स के हड़ताल पर जाने से स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गई हैं. खासकर विभिन्‍न अस्‍पतालों की OPD सेवाओं पर व्‍यापक असर पड़ा है. डॉक्‍टरों की हड़ताल का सबसे बड़ा खामियाजा उन हजारों मरीजों को भुगतना पड़ रहा है जो अस्‍पताल में इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं. ओपीडी सेवाा को सुचारू रखने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जूनियर डॉक्‍टरों की हड़ताल का असर स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं पर स्‍पष्‍ट तौर पर देखा जा रहा है. बता दें कि सूबे के बड़े अस्‍पतालों में बड़ी तादाद में मरीज रोजाना इलाज कराने के लिए आते हैं. जूनियर डॉक्‍टर्स का इसमें बड़ा योगदान रहता है, ऐसे में राज्‍य भर के जूनियर डॉक्‍टरों के हड़ताल पर जाने से स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं चरमरा गई हैं.

जानकारी के अनुसार, बिहार भर के जूनियर डॉक्‍टर्स लगातार अपनी स्‍टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. इसके बावजूद उनकी मांगों पर अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया. ऐसे में जूनियर डॉक्‍टर्स ने हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी. उसी घोषणा को लेकर जूनियर डॉक्‍टर्स सोमवार से कामकाज न करने का फैसला करते हुए हड़ताल पर चले गए. PMCH समेत प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्‍टर्स हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे अस्‍पतालों में ओपीडी सेवाएं बाधित हो गई हैं. हालांकि, इस दौरान आपातकालीन सेवाएं पूर्व की तरह बहाल रहेंगी, ताकि इमर्जेंसी में आए मरीजों का इलाज कर उनकी जान बचाई जा सके.

मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान

स्‍टाइपेंड के मुद्दे पर जूनियर डॉक्‍टरों ने इस बार काफी सख्‍त रुख अपना लिया है. जूनियर डॉक्‍टरों (इंटर्न कर रहे MBBS छात्र) का कहना है कि इस बार जब तक उनका स्‍टाइपेंड नहीं बढ़ाया जाएगा, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे. जूनियर डॉक्‍टर्स के हड़ताल पर जाने से सूबे के सभी 9 मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की परेशानी बढ़ गई है. ओपीडी सेवाओं के बाधित होने से सूबे के सभी 9 मेडिकल कॉलेजों में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को काफी कठिनाइयों का समाना करना पड़ रहा है.

पिछले साल भी जूनियर डॉक्‍टरों ने की थी हड़ताल

बिहार के जूनियर डॉक्‍टर 5 सूत्री मांग को लेकर पिछले साल भी हड़ताल पर चले गए थे. बिहार के सभी सरकारी कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर और एमबीबीएस के इंटर्न हड़ताल पर चले गए थे. पटना के पीएमसीएच, दरभंगा के डीएमसीएच, मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच समेत बिहार के 9 बड़े सरकारी अस्पतालों पर इसका असर पड़ा था. उस वक्‍त जूनियर डॉक्‍टर्स ने ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी और सर्जरी में भी योगदान न दने का निर्णय लिया था.

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