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कैप्टन अमरिंदर सिंह को इन 5 कारणों से छोड़ना पड़ा पंजाब का सीएम पद

राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को इस्तीफा सौंपने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुलकर कांग्रेस आलाकमान से अपनी नाराजगी जाहिर की. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैंने आज सुबह ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था.

2021 सितम्बर 19/ PRJ News ब्युरो :

पंजाब की राजनीति में लंबे समय से जिसकी चर्चा थी, वो आखिर हो ही गया. कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. 48 विधायकों के कथित तौर पर पार्टी आलाकमान को पत्र लिखकर उन्हें हटाने की मांग करने के बाद से ही इस्तीफे कि अफवाहें आने लगी थीं. इसके चलते पंजाब के पार्टी प्रभारी हरीश रावत ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई. बैठक से पहले ही अमरिंदर सिंह ने राज्यपाल से मुलाकात कर इस्तीफा सौंप दिया।

राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को इस्तीफा सौंपने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुलकर कांग्रेस आलाकमान से अपनी नाराजगी जाहिर की. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैंने आज सुबह ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था. बीते एक महीने में जिस तरह से तीन बार विधायकों की मीटिंग दिल्ली और पंजाब में बुलाई गई थी, उससे साफ था कि आलाकमान को मुझ पर संदेह है. ऐसे में मैंने पद से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी अब जिसे चाहे सीएम बना सकती है. इसके अलावा उन्होंने भविष्य की राजनीति के विकल्प खुले होने की बात कहकर पार्टी छोड़ने के भी संकेत दे दिए हैं. आइए जानते हैं उन 5 वजहों के बारे में जिसके कारण अमरिंदर सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।

अपनों ने छोड़ा कैप्टन का साथकैप्टन के कई पूर्व वफादारों ने भी उनका साथ छोड़ दिया. उदाहरण के लिए तृप्त राजिंदर बाजवा, सुखजिंदर रंधावा और सुखबिंदर सरकारिया जैसे नेता – जिन्हें एक साथ ‘माझा एक्सप्रेस’ के रूप में जाना जाता है, क्योंकि वे इस क्षेत्र से आते हैं. माझा एक्सप्रेस ने कैप्टन को बाजवा के खिलाफ गुटीय संघर्ष जीतने में मदद की थी. लेकिन इस बार उन्होंने भी कैप्टन का साथ छोड़ दिया क्योंकि उन्हें एहसास हो गया था कि अगर कैप्टन के साथ बने रहे तो वो हार सकते हैं।

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