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गृह मंत्री अमित शाह : कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को अराजकता की ओर धकेला, मोदी ने मुख्यधारा से जोड़ा

2022 अक्टूबर 09 / PRJ न्यूज़ ब्यूरो,गुवाहाटीः

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठ वर्ष के शासन के दौरान असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र शांति व विकास के पथ पर आगे बढ़े हैं। शाह ने गुवाहाटी के वशिष्ठ चाराली स्थित प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्मित मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन का उद्घाटन समारोह एवं खानापाड़ा स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय के मैदान में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान दावा किया कि आजादी के बाद से 1970 के कांग्रेस शासन ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को हिंसा और अराजकता की ओर धकेल दिया था, जबकि पिछले आठ वर्षों के दौरान मोदी के नेतृत्व ने इस क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद की है।

केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान न शांति थी, न विकास हुआ और न ही इन राज्यों के ढांचागत के क्षेत्र में कोई काम किया और यहां तक कि क्षेत्र की संस्कृति को भी नुकसान हुआ था, लेकिन 2014 से 2022 के बीच यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की कमान संभालने के दूसरे दिन से ही इस क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर लाने की योजना बनाने लगे और विकास को काफी आगे तक पहुंचाया है। मोदी एक बड़े बरगद के पेड़ की तरह हैं, जिनकी छाया में यह क्षेत्र उनके द्वारा निर्धारित विकास लक्ष्यों को पूरा करने की राह पर है।

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि अवैध घुसपैठियों के खिलाफ असम आंदोलन के दौरान वह एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में कई बार यहां आए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने यहां स्थापित करने के मद्देनजर 9,000 उग्रवादियों से हथियार डलवाकर असम में शांति स्थापित की है। भाजपा के वरिष्ठ नेता शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए बजट को तिगुना कर दिया है, जिससे सभी क्षेत्रों में ढांचागत विकास हुआ है। शाह ने कहा कि 2006-14 के दौरान राज्य में उग्रवादियों की संख्या 8,700 थी, जबकि हिंसा में 500 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। हालांकि, 2014 से 2022 के बीच उग्रवादियों की संख्या घटकर 250 रह गई और हिंसा के कारण 127 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है।

उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल बाबा सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (आफस्पा) को पूरी तरह से हटाने की बात करते हैं, जो केवल बयानबाजी है, लेकिन भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र में एक ऐसा माहौल बना दिया है जिसके कारण अधिनियम को इस क्षेत्र के 60 प्रतिशत से निरस्त कर दिया गया, जहां यह पहले लागू था। शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं और वह दिन दूर नहीं जब इस कानून को पूरे क्षेत्र से हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए कई परियोजनाएं हैं और सबसे महत्वपूर्ण राज्य में एक फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना है। उन्होंने कहा कि असम को बाढ़ मुक्त करने के लिए कई परियोजनाओं को अमली जामा पहनाने पर काम चल रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा राज्य में एक लाख युवाओं को रोजगार देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। शाह ने पार्टी के नए कार्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा कार्यालय केवल ईंट-पत्थर की इमारत नहीं हैं, बल्कि यह पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्पण, भावना, प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत को दर्शाती है।

शाह ने 2019 में भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष के रूप में पार्टी के भवन की आधारशिला रखी थी। गृह मंत्री ने कहा कि हालांकि मुझे संदेह था कि क्या यह महत्वाकांक्षी परियोजना संभव पाएगी। मुख्यमंत्री शर्मा और अन्य कार्यकर्ताओं ने मुझे आश्वासन दिया था कि ऐसा होगा। आज मुझे पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ इसका उद्घाटन करते हुए बेहद गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि मैं आज यहां केंद्रीय मंत्री के रूप में नहीं बल्कि पार्टी के एक कार्यकर्ता के रूप में आया हूं और मैं सभी से भाजपा के संस्थापकों के सिद्धांतों, प्रतिबद्धता और बलिदान के अनुसार काम करने का आग्रह करता हूं।

इससे पहले, शाह ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा, पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख भावेश कलिता, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और अन्य की उपस्थिति में पार्टी के नए मुख्यालय का उद्घाटन किया। नड्डा ने डिजिटल माध्यम से नौ जिला समिति के कार्यालयों और शाह ने 102 मंडल कार्यालयों की आधारशिला रखी।

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