Uttar Pradesh

Ayodhya : जिलाधिकारी अयोध्या ने प्रधानाध्यापिका को किया सस्पेंड – प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को मिला था चावल और नमक

2022 सितंबर 29 /PRJ न्यूज़ ब्यूरो:

अयोध्या के बीकापुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय डीहवा पांडेय का पुरवा में बच्चों को नमक चावल देने का मामला सामने आया था। जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। भास्कर की खबर को संज्ञान लेते हुए डीएम नितिश कुमार ने संज्ञान लेते हुए प्रधानाध्यापिका एकता यादव तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दैनिक भास्कर ने सबसे पहले खबर को प्रकाशित किया था।

जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि मध्यान्ह भोजन योजना के तहत भोजन को मानक के अनुसार न दिए जाने पर प्रधानाध्यापिका एकता यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सहायक अध्यापिका गायत्री देवी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। प्रधान अनिल सिंह को नोटिस जारी करते हुए डीपीआरओ को जांच के आदेश दिए हैं।

जिले के सभी विद्यालयों से मांगी रिपोर्ट
डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को यह भी निर्देश दिए है कि सभी प्राथमिक विद्यालयों से मध्यान्ह भोजन वितरण की रिपोर्ट प्राप्त करें तथा समय-समय पर विद्यालयों का औचक निरीक्षण भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों में स्कूली बच्चों को टाट पटिका व किताबों का वितरण सुनिश्चित किया जाए। यह भी देखा जाय जिन विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन का मानक के अनुसार वितरण नहीं किया जा रहा है उन पर तत्काल कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल

अयोध्या के एक परिषदीय स्कूल में बच्चों को दोपहर के भोजन में सादा चावल और नमक दिया जा रहा है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में बच्चा चावल और नमक खाता दिखाई दे रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संतोष कुमार राय ने बताया, “मामला संज्ञान में आते ही खंड शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट तलब की गई है। दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों और जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”

“वायरल वीडियो बीकापुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बैंती चौरे बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय पांडे का बताया जा रहा है। जिसमें ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार को दोपहर के भोजन में बच्चों को सादा चावल और नमक दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसा कई दिनों से चल रहा है।”

अधिकांश बच्चे भोजन करने से करते है इंकार ग्रामीणों ने बताया, “गांव के पास विद्यालय होने के कारण कई बच्चे भोजन करने घर चले जाते हैं। भोजन करने के बाद वापस स्कूल जाते हैं। नमक चावल मिलने की बात जब बच्चों ने अभिभावकों को बताई, तो उन्होंने विद्यालय में भोजन से मना कर दिया।”

मंगलवार को जब दोबारा ऐसा ही भोजन मिला, तो गांव के कई पुरुष और महिलाएं स्कूल पहुंचकर आक्रोश जताया। साथ ही शिक्षकों से इसकी शिकायत की, लेकिन अध्यापक अभिभावकों की बात को अनसुना कर दिया। पूरी घटना का वीडियो ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। खंड शिक्षा अधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच करके कार्रवाई की जाएगी।

बीएसए ने रिपोर्ट की तलब बीएसए संतोष कुमार राय ने बताया, “मामले की जानकारी मिली है, खंड शिक्षा अधिकारी से शाम तक रिपोर्ट मांगा गया है। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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