Bihar

भागलपुर: सरकारी अस्पताल के ICU से गायब थे डॉक्टर, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के भाई की मौत

2023 जनवरी 27/ PRJ न्यूज़ ब्यूरो:

 

भागलपुर में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के भाई का इलाज के दौरान निधन हो गया. उनके निधन के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया.इस घटना के बाद दो डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है

बिहार के पूर्वी क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा अस्पताल पर एक बार फिर से सवाल खड़े हुए हैं. इस बार केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के छोटे भाई निर्मल चौबे की मौत शुक्रवार की शाम आईसीयू में हो गई जिसके बाद परिजनों ने आईसीयू में डॉक्टर के नहीं होने का आरोप लगाते हुए उनकी मौत का जिम्मेदार डॉक्टरों को ठहराया और आईसीयू में जमकर हंगामा किया. वहीं हंगामा की सूचना पर पहुंचे अस्पताल अधीक्षक और आईसीयू इंचार्ज को घंटों बंधक बनाकर रखा.

इसकी सूचना पर सिटी डीएसपी के साथ कई थानों की पुलिस और एसएसबी के जवान अस्पताल पहुंचे. इस घटना के बाद दो डॉक्टरों को अस्पताल अधीक्षक ने आईसीयू में नहीं रहने के आरोप में निलंबित कर दिया है. परिजनों का कहना है कि शाम 4 बजे के करीब सांस लेने में तकलीफ की बात निर्मल चौबे ने की थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. यहां पर स्थिति बिगड़ते देख उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया था लेकिन आईसीयू में कोई भी डॉक्टर उपस्थित नहीं थे और उनकी मौत हो गई.

इसके बाद परिजन काफी आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे. वहीं दो डॉक्टरों को निलंबित करने के बाद परिजन शांत हुए. अस्पताल अधीक्षक ने इस मामले में कहा कि मरीज का पहले इमरजेंसी में इलाज किया गया था वहीं आईसीयू में डॉक्टर नहीं होने की बात परिजन कर रहे हैं, जिस पर कार्रवाई की गई है. सिटी डीएसपी का कहना था कि अब इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही करने वाले चाहे कोई भी हो उनके खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करेगा.

घटना के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के परिजनों का भी कहना है कि अस्पताल में अनदेखी की जाती है और डॉक्टर कम ही देखने के लिए आते हैं. एक तरफ स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं उसके बावजूद भी अस्पताल की स्थिति बेहतर होती नजर नहीं आ रही है.

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