Assam

ASSAM : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने असम लॉजिस्टिक्स एंड वेयर हाउसिंग पॉलिसी-2022 का किया शुभारंभ

2022 सितंबर 20/PRJ न्यूज़ ब्यूरो,असम:

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने सोमवार को गुवाहाटी महानगर के खानापाड़ा स्थित असम प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज में आयोजित एमएसएमई सम्मेलन के दौरान औपचारिक रूप से असम लॉजिस्टिक्स एंड वेयर हाउसिंग पॉलिसी-2022 का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने सोमवार को गुवाहाटी महानगर के खानापाड़ा स्थित असम प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज में आयोजित एमएसएमई सम्मेलन के दौरान औपचारिक रूप से असम लॉजिस्टिक्स एंड वेयर हाउसिंग पॉलिसी-2022 का शुभारंभ किया। यह नीति राज्य के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी।

इस कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा की उपस्थिति में असम सरकार ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए वित्तीय पहुंच को आसान बनाने  के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट  (सीजीटीएमएसई) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। इसके अलावा सरकार ने असम स्टार्ट अप वेंचर फंड के लिए सिडबी वेंचर कैपिटल के साथ एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। सिडबी वेंचर कैपिटल फंड का आकार 200 करोड़ रुपए है, इसमें राज्य सरकार की ओर से 100 करोड़ रुपए, सिडबी की ओर से 50 करोड़ रुपए और शेष 50 करोड़ रुपए अन्य योगदानकर्ताओं द्वारा दिए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने आज के दिन को राज्य के उद्योग क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और चिरस्मरणीय करार दिया। उन्होंने कहा कि एमओयू के हस्ताक्षर से औद्योगिकीकरण में और सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के साथ सहयोग का उद्देश्य असम में सूक्ष्म और लघु इकाइयों को ऋण देने वाली संस्थाओं द्वारा दिए गए ऋणों के लिए अतिरिक्त गारंटी कवरेज प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना में ऋण की गारंटी कवरेज का 80 प्रतिशत सीजीटीएमएसई की ओर से प्रदान किया जाएगा और शेष 20 प्रतिशत कवरेज राज्य सरकार से आएगा। सिडबी के अनुमान का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 करोड़ रुपए के एक कॉर्पस समर्थन से 5000 करोड़ रुपए का पोर्टफोलियो निर्माण होगा।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ता बाजार में आज की कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए यह उचित समय है कि एमएसएमई को अपने अनुप्रयोगों का आधुनिकीकरण करना चाहिए और उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करना चाहिए जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अस्तित्व के लिए आवश्यक हैं। असम में एमएसएमई क्षेत्र का संक्षिप्त विवरण देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य में 66,000 से अधिक उद्योग हैं जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 29 प्रतिशत का योगदान करते हैं।

इन औद्योगिक इकाइयों में से 88 प्रतिशत सूक्ष्म, 11.5 प्रतिशत लघु और मध्यम उद्योग हैं। इसका मतलब है कि एमएसएमई राज्य के औद्योगिक क्षेत्र का 99.5 प्रतिशत हिस्सा है। उन्होंने यह भी बताया कि 2016 से 2021 के दौरान, वर्तमान भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के तहत असम में 32,770 एमएसएमई स्थापित किए गए थे, इनमें से 13,440 उद्यम उत्पादन क्षेत्र में लगे हैं जहां 1,30,294 युवाओं को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि असम को आत्मनिर्भर राज्य के रूप में बदलने के लिए राज्य सरकार के दृष्टिकोण के अनुसार एमएसएमई की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।

एमएसएमई को बड़े उद्योगों के रूप में उभरने के लिए खुद का पोषण करना चाहिए और नई पीढ़ी को उद्यमिता के लिए प्रेरित करना चाहिए।

युवाओं को नौकरी चाहने वालों से नौकरी देने वाले बनाने में एमएसएमई को नई पीढ़ी के अनुसरण के लिए एक उदाहरण स्थापित करना चाहिए। उन्होंने राज्य के युवाओं से आगे आने और आज गाए गए एमओयू का लाभ उठाने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री बिमल बोरा, सिडबी के सीएमडी एस रमन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव समीर कुमार सिन्हा और उद्योग विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, एमएसएमई क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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