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प्राकृतिक प्रकोप और मानव कुचक्र से धरती माता काप उठेगी– वर्ष 2023 के बाद : ज्योतिष ब्रजेश मिश्रा

सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम्।।

2022 सितंबर 11/PRJ न्यूज़ ब्यूरो:

ज्योतिष ब्रजेश मिश्रा

 
वैसे तो माता की सवारी शेर है, पर नवरात्रि में उनके वाहन उनके आगमन के दिनों के अनुसार बदलते रहते हैं। हर साल नवरात्रि पर मां का आगमन और प्रस्थान विशेष वाहन पर होता है। देवी दुर्गा के आने और जाने वाले हर वाहन में भविष्य के लिए विशिष्ट संकेत छिपे होते हैं।
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शारदीय दुर्गा पूजा अंग्रेजी तिथि 26/9/2022(दिन-सोमवार) से प्रारंभ हो रहा है और तिथि 5/10/2022 (दिन बुधवार)-तक मनाया जाएगा इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन गज(हाथी) पर एवं गमन प्रस्थान हाथी गमन हस्ते रवि (हथिया) नक्षत्र में हो रहा है । इसके फल स्वरुप संसार को अनेकानेक समस्याओं से सामना करना होगा एवं अंत में जल अधिकता का प्रभाव बना रहेगा। इस वर्ष देवी का कलश स्थापना उत्तरा फागुनी हस्त्र रवि( हथिया )नक्षत्र में हो रहा है जो कि शुभ नहीं है देश ही नहीं पूरा विश्व मे समय अनुकूल नहीं होगा ।

सन 2023 तक—देश ही नहीं पूरे विश्व में आने वाले वर्ष 2023 से 2058 त्रासदी भरा होगा भारत सहित पुरे विश्व में ग्रह की विपरीत चाल दशा से सन 2023 तांडव रूप की ओर अग्रसर हो जाएगा नएरोगदि ( ज्वरादि रूप रोग उत्पन्न होगा )आदि जलीय आपदा, तापमान (भयंकर गर्मी) दैविक प्रकोप, प्राकृतिक आपदाएं, भारी भूकंप, अकाल मृत्यु , अग्निकांड ,कंपन ,चक्रवर्ती तूफान, भूस्खलन, आकाशीय वज्रपात ,हिंसात्मक गतिविधियां विश्व के कुछ देश में पर्वत विखंडन कारी होगा, वाहन से दुर्घटना ,प्लेन दुर्घटना , रेल दुर्घटना , आतंकवादी घटनाएं, गर्म हवा और अग्नि कांड तांडव रूप की ओर अग्रसर हो जाएगा। नामचीन व्यक्ति पर गंभीर संकट जेल जाने का योग ,आदि फिल्मी दुनिया के सितारों के ऊपर संकट के बादल छाए रहेगा देश सहित पूरा विश्व त्रासदी भरा रहेगा या तांडव रूप अपनाएगा।

ग्रह की चाल दशा को देखते हुए तृतीय विश्व युद्ध का जन्म हो गया है वर्ष 8:10 2021 को वर्ष 2023 को ये बालक अवस्था में आ गया है। वर्ष-2023 से नटखट पाना करना और बाल क्रिडा की ओर अग्रसर हो गया है। छोटा-छोटा गेंद से या खिलौना से युद्ध खेलेगा (दमनकारी या वर्चस्व की लड़ाई होगी) देश को शतरंज की 16 मोहरा का गणित बना कर रखना होगा। वो किसी भी प्रकार का गणित क्यों ना हो। कुछ दशक का समय लग सकता है। जब बालक युवा अवस्था में आ जाएगा तब तृतीय विश्व युद्ध होगा————–1/1/2023 से देश ही नहीं पूरा विश्व में बड़े स्तर पर राजनीतिक उथल-पुथल हो सकती है। भारतवर्ष के लिए सन 2023 की ज्योतिष गणना के अनुसार मिश्रित फलदाई होने की आशंका है जिसका सिलसिलंवार वृतात निम्न इस प्रकार है । जैसे- ज्योतिष दृष्टि से अब समय आ गया है कि ना चाहते हुए भी विश्व के ताकतवर देशों से युद्ध के आसार बन रहे हैं। इनमें कोई भी शंका नहीं है कि टकराव की स्थिति विभिन्न मुद्दों पर बनी रहेगी और विश्व के ताकतवर देश भी हसरत भरी नजर से भारत की ओर उम्मीद की टकटकी की लगाए रखेंगे। कि भारत मध्यस्था करेंगे। इन देशों को आपदा से बाहर निकाले गा 2058 तक और त्रासदी भरा रहेगा। या तांडव रूप दिखाएगा ।मनुष्य के क्रोध से एवं प्राकृतिक क्रोध से धरती माता थरथर कापेगी । भारत को विश्व के अनेक देशों के साथ राजनीतिक एवं सामरिक युद्ध लड़ना होगा । और इनमें विजय भारत को प्राप्त होगी चाहे वो राजनीतिक कूटनीतिक या सामरिक लड़ाई हो ।

भारत महाशक्ति के रुप में उभरेगा- 2035 तक -और विश्व की कोई भी ताकत उसको रोकने में कामयाब नहीं होगी ।अमेरिका आदि देश इसमें बाधा डालने की कोशिश करेंगे, लेकिन उनको नाकामियों का सामना करना होगा । एशिया महादेश में चीन अपने ताकत की नुमाइश करने की कोशिश करेगा । बिना तर्को पर भी भारत को कमजोर करने की अथक प्रयास करेंगे । लेकिन उसकी चाल नाकामयाम होगी अंततः उसको भारत ही घुटने के बल चलने को मजबूर कर देगा । विदेशी व्यापार में भी भारत 2035 तक विश्व शिरोमणि होगी इसके उत्पाद का डंका का विश्व के तमाम बाजार में होगी । चीन जापान को विश्व व्यापार के पटल पर भारी टकर देंगे । भारत के बने हुए उत्पाद अपनी गुणवत्ता के आधार पर विश्व में छा जाएगा ।

वर्ष 2023 देश में जनतंत्र लोकतंत्र के लिए काफी उठापटक वाला होगा । बहुत से फैसले चौकाने वाले होंगे ।जिसकी कोरी कल्पना करना भी आम जनता की सोच से बाहर होंगे । भारत देश के पश्चिम उत्तर प्रांतों में नवीन क्रांति का उदय होगा जो कि उपद्रव को बढ़ावा देने वाला होगा। भय की आशंका बनी रहेगी, इसमें विपक्षी दल कामयाब होंगे, वरिष्ठ नेताओं के लिए भी खतरे की घंटी बजने के आसार बन रहे हैं। जिस को रोक पाना उनके लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन साबित हो रहे हैं ।

दक्षिण के प्रांतों में आपसी कलह सत्ह पे आने पर तनाव पूर्ण होगी जन आंदोलन में इजाफा होगा बात-बात पे जनता सड़कों पर आएगी सरकारी संपत्ति का नुकसान ग्रह का योग भी प्रबल है। प्राकृतिक प्रकोप भूकंप तूफान अतिवृष्टि से जन धन की अपार हानि होनी तय है। देश के प्रमुख शासक वर्गों में भी निराशा का माहौल बन सकता है। इन्हें शारीरिक भौतिक अशांति का प्रकोप झेलना पड़ सकता है राजनीतिक उलटफेर प्रबल आसार बने रहेगे । जिस के कुछ प्रमुख राज्य बिहार बंगाल झारखंड होंगे इनमें त्वरित परिवर्तन का योग बन रहा है आम जनमानस के सरोकार की सरकार नहीं बनने के प्रबल योग हैं एवं वंशवाद की राजनीति परिभाषा बदल जाएगी ,और व्यक्तिगत विशेष का तिलिस्म समाप्त हो जाएगा । सरकार के द्वारा सरकारके द्वारा सरकारी करो वृद्धि की जाएगी। जिसकी मार आम जनता पर पड़ेगी जो कि अनावश्यक है। आर्थिक क्षेत्र सरकार का रुख लचीला नहीं रहने का योग प्रबल है। जिससे केंद्र की सरकार बहुत से करे एवं दूरगामी फैसले लेगी। देश की जनता में विद्रोह का लहर होगी लेकिन परिणाम दूरगामी होंगे ।

मजबूती की ओर जाने का विपक्ष भी अपना पूरा दबाव बनाने की कोशिश करेगा। लेकिन सरकार को काबू में करने में कामयाब नहीं होंगे। सरकारी कर्मचारी एवं स्त्री के उद्थान के लिए काफी काम किए जाएंगे ।इस सरकार द्वारा शिक्षक संस्थानों एवं चिकित्सा के क्षेत्र में काफी काम होगा और वैज्ञानिक क्षेत्र में भी विकास होगा। कल्याणकारी योजनाओं का लाभ निचली जनता तक पहुंचेगा। विभिन्न प्रांतों में प्राकृतिक आपदा चक्रवात तूफान के उपद्रव होंगे अतिवृष्टि एवं सूखा दोनों के आसार विभिन्न क्षेत्रों में बन रहे हैं। दक्षिण के क्षेत्र में काफी हानि के आसार बन रहे हैं सीमावर्ती क्षेत्र में तनाव में अचानक से वृद्धि के आसार बन सकते हैं। खुफिया तंत्र को और मजबूत बनाना होंगे अन्यथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी जनधन का नुकसान झेलना पड़ सकता है। व्यविचार एवं बलात्कार जैसी घटनाएं जोर पकड़ सकती है। नए-नए बीमारियों का भी प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी रहेगी। जो कि समाज के नुकसान दायक है एवं भूकंप एवं भूस्खलन से नुकसान के आसार बन रहे हैं।

देश में रेलवे एवं दूरसंचार विभाग में भी अपेक्षित घटना होने के योग बन रहा है। सीमावर्ती राज्यों में जैसे पंजाब राजस्थान आसाम बंगाल नेपाल गुजरात तथा कश्मीर इत्यादि में जनता में भय का माहौल बना रहेगा और प्राकृतिक से भी एवं समुद्री तट की स्थिति नाजुक बनी रहेगी। केंद्र की सरकार का कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने का इनका कारक सिद्ध होगा। जो कि देशहित जनहित में दूरगामी परिणाम देगा मध्य में पश्चिम भारत में भी प्राकृतिक आपदा एवं जनता द्वारा आराजकता का माहौल बनने के आसार हैं। और जनतंत्र आक्रोश में होगा । देश मे कुछ राज्यों में मंत्रिमंडल में परिवर्तन होगा। उड़ीसा उत्तर प्रदेश बिहार बंगाल राजस्थान अन्य प्रांतों में सामाजिक एवं धार्मिक उन्माद हिंसात्मक गतिविधियां सौहांर्द बिगड़ने का प्रबल योग बन रहा है। जिसको केंद्र सरकार को निपटना होगा ,विभिन्न प्रांतीय क्षेत्रीय राजनीतिक दलों का या बड़े दलों में विलय होगा या वो अपनी प्रभुता खोने का प्रबल योग है। कुछ तो अपनी समाप्ति की ओर अग्रसर हो जाएंगे जनता में उनका प्रभाव एवं पकड़ समाप्त हो जाएगा।

कुछ दल मजबूती के साथ उभरेगा। कांग्रेस पार्टी को नया अध्यक्ष मिलेगा लेकिन इसका कोई अच्छे परिणाम के संकेत नहीं मिल रहा हैं ग्रह का योग ऐसा ही चल रहा है। बिहार में दो बड़े क्षेत्रीय दलों का विलय का प्रबल योग बनता दिखाई दे रहा है। चाचा श्री नीतीश कुमार जी सत्ता मुक्त होते दिखाई दे रहे हैं और देश के प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, जनाधार एवं जनमानस में उनकी साख गिर चुकी है और दिन प्रतिदिन गिरती जाएगी। बंगाल में ममता दीदी जी के लिए भी अपना किला बचाना आसान नहीं होगा। काफी बड़ा नेता पार्टी को अलविदा कहेंगे। चाचा श्री नवीन पटनायक जी ही ऐसे नेता हैं जिनकी साख आज भी अपने जनता पर बनी हुई है श्री केजरीवाल के साख में बट्टा लग चुका है। उनका ग्राफ नीचे की ओर है ।कमोवेश ही हाल शिवसेना और एनसीपी का भी है।

अब चाणक्य के रोल में विपक्ष से कोई और नजर आएगा ,लेकिन उसको भी चाचा श्री मोदी जी के आगे सफलता नहीं मिलेगी। ज्योतिष गणना के अनुसार विपक्षी खेमे में कुल मिलाकर 2024 भी मायूसी भरा रहने का पूर्ण आसार है। देश ने देश में राजनीतिक विश्वास खो दिया है। राजनीतिक मे राजनीतिक से जनता को भंग कर डालेगा।ऐसा ही ग्रह का योग बन रहा है। देश ही नहीं पूरे विश्व में महंगाई बेरोजगारी प्राकृतिक प्रकोप गर्म हवा जल प्रलय आदि का तांडव रूप देखेगा। मनुष्य से लेकर प्राकृतिक तक अपना प्रचंड रूप दिखाइए

(2)-2023 से2058 तक ग्रहों की चाल एवं समसामयिक गन्ना को केंद्र बिंदु में रखकर जो विश्व स्तर पे गणना की गई है उसका विस्तार पूर्वक विवेचना इस प्रकार है—
(3)- 2023 से ग्रहों की चाल अग्रसर की ओर बढ़ रही है या शुरू हो गई है। पूरी दुनिया में मनुष्य जाति के क्रोध से धरती पर बारूदी बारिश से धरती पर आग की बारिश होगी। जिसके वजह से धरती और मनुष्य के बीच में महा विनाशक टकराव की स्थिति उत्पन्न होगी ।जिसके वजह से विश्व में अशांति छा जाएगी। छोटी छोटी देश आपस में लड़ेगे। जिसके वजह से मनुष्य और प्राकृतिक के बीच टकराव से पूरे विश्व में शांति छा जाएगी। धरती माता रोएगी। और वीरान पन जैसा लगेगा पूरी दुनिया में हाहाकार रहेगी और हाहाकार मच जाएगी ।त्रासदी भरा रहेगा धार्मिक और संप्रदायिक फैसाद का तांडव रूप दिखाएगा 2058 तक।

(4)- 2023 से पूरे दुनिया में आगे चलकर हालात ऐसे बनेंगे कई देशों के बीच में अफवाहों एवं झूठ का( छदम) युद्ध लड़ा जाएगा । और गोला बारूद से नहीं शीत युद्ध( अंग्रेजी में कोल्डवार) कहते हैं, या वाक्य युद्ध लड़ा जाएगा ।जो पूरी दुनिया के लिए घातक सिद्ध होगा। सन 2058 तक
(5)- 2023 से ग्रहों की चाल शुरू हो गई है। चाइना (चीन) के तरफ से आग की चीनगाड़ी लगाया जाएगा या भड़काया जाएगा । जो पूरी दुनिया में इसकी आग फैलेगी।
(6)- विश्व के पश्चिम प्रांतों में राजनीतिक समर के काला बादल अभी टले नहीं और भी गहराने के आसार हैं और भयावह रूप लेने का प्रबल आसार हैं। चारों ओर अस्थिरता एवं आराजकता का माहौल बना रहेगा। धार्मिक उन्माद युद्धजनित परिस्थिति हिंसात्मक घटनाएं युद्ध जैसी हालात बने रहेंगे। कुछ प्रमुख देशों में युद्ध के आसार बने रहेंगे खासकर मुस्लिम राष्ट्रों के लिए स्थिति भायव होगी। अरब ईरान पाकिस्तान अफगानिस्तान इत्यादि में शासकों में आपसी विग्रह बढ़ेगा या तांडव रूप दिखाएगा कुछ छोटे-छोटे राष्ट्र में दिवालिया पन के कगार पर पहुंच जाएंगे। जिससे उनको निपटना मुश्किल हो जाएगा। प्राकृतिक प्रकोप के आसार भी बड़े एवं मझोले राष्ट्र को अपने आक्रोश में लेगा या बर्बादी करेगा। जिसमें अमेरिका रूस जर्मनी जैसे मजबूत राष्ट्र भी शामिल है। चीन जापान रूस तिब्बत वर्मा आदि राष्ट्रो में भूकंप एवं बड़ी दुर्घटना का योग बनता है। प्राकृतिक आपदा बर्मा जापान चीन तिब्बत भूटान आदि पर्वतीय क्षेत्र में विखंडन कारी आदि अपना तांडव रूप दिखाएगा ।

बड़े राष्ट्रो को टूट-फूट की परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ छोटे- छोटे राष्ट्रो में सत्ता परिवर्तन का भी योग बन रहा है। विश्व के शासन गलत शासकों के पक्ष में जाने का प्रबल योग बनता दिखाई दे रहा है। जिससे तानाशाही प्रथा को बल मिलेगा जो कि सही नहीं है। दक्षिण के शासन करता के परिवर्तन के आसार बन रहे हैं। जापान अमेरिका रूस में अनेक प्रकार के स्थानीय समस्याओं उत्पन्न हो के आसार बन रहे हैं जनता में विद्रोह होगी। विश्व के व्यापारिक मानस पटल पर परिवर्तन एवं सुधार के आसार बन रहे हैं। पूरे विश्व में दे व्यविचार एवं बलात्कार जैसी घटनाओं का बढ़ने के आसार दिखाई दे रहे हैं। यवन राष्ट्रों अफगानिस्तान तुर्की ईरान इराक फिलीपींस आदि राष्ट्रो में शासक एवं सत्ता पक्ष का विरोध होगा। जो वाहन से क्षतिग्रस्त या रक्त पाद एवं हिंसक आंदोलन का रूप ले सकता है। इसमें बड़े शासकों का निर्धन एवं सत्ता मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। पूर्वी एवं पश्चिमी प्रांत में वाहनों से क्षतिग्रस्त ,भूस्खलन एवं इमारत गिरने जैसी बड़ी घटना से जनधन के अपार क्षति के आसार बन रहे हैं। और जनता में विद्रोह मचेगा।

(7)- शक्तिशाली राष्ट्र में भी आपसी तनाव एवं खिंचाव के आसार बने रहेंगे। पाकिस्तान में सत्ता के लिए आपसी खींचतान जारी रहेगा। वजीरे आजम वजीरे खालसा दो अपना कार्यकाल पूरा नहीं करने का योग बन रहा है। अफगानिस्तान के सीमा पर अलकायदा एवं तालिबान गति विधि में इजाफा होने के आसार है। अफगानिस्तान में अशांति एवं भय का माहौल होगा। विश्व के कुछ राष्ट्रो में जातीय उन्माद धार्मिक उन्माद युद्ध जनित परिस्थितियां हिंसात्मक गतिविधियां के आसार बन रहे हैं। खासकर वाहन से दुर्घटना क्षतिग्रस्त मुस्लिम देशों में इस तरह की घटना नरसंहार की रूप ले सकती है। अमेरिका जापान आदि देशों में अतिवृष्टि जल प्रकोप से नुकसान होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।

(8)-2023 से ग्रहों की चाल बदल रही है। कुछ देशों में ऐसा भी हो सकता है जिनका काम है समाज और सरकार को आईना दिखाना या आंख खुलवाना एवं सच बात को कहना ऐ सभी लोग अपने मूल कर्तव्य से एवं जिम्मेदारी से हटकर सरकारो का झूठा प्रचार और प्रसार करेगी। और देश की सच्चाई स्थिति से अवगत नहीं करेगी, इन सभी कारणों के वजह से जनता का आक्रोश झेलना पड़ सकता है ग्रहों का योग ऐसा ही बन रहा है।

(9)- मयखाने में गिरे पड़े शराब को जब कोई चूहा चख लेता है तो शेर को दहाड़ते हुऐ चुनौती देना शुरू कर देता है। कमोबेश पाप ग्रहों की चाल दशा भी ब्रह्मांड पर वर्ष-2023 के बाद इसी दहाड़ना शुरू करेगी और हालात इन ग्रहों की सुक्षम दशा के अनुसार ग्रह की चाल वर्ष 2023 के बाद जल, जंगल ,और जमीन पर परिवर्तन की ओर दर्शाती है। इसका व्यापक प्रभाव वर्ष 2021 से हो चुका है। गौरतलब हो कि दक्षिण पूर्व एशिया महादेश से इसकी शुरुआत हो चुकी है। ग्रह की चाल से आने वाले समय में पूरा ब्रह्मांड चाहे पशु ,पंछी ,मानव, पेड, पौधा, जीव जंतु, एवंम जल जमीर और जंगल सारे इस ग्रह की चाल सूक्ष्मदशा से प्रभावित होगा। इस भयावह ग्रह की चाल अग्रसारित होने से संपूर्ण ब्रह्मांड को झकझोर कर रख देगा। विदित हो की प्राकृतिक प्रकोप से धरती माता कांप उठेगी लेकिन ग्रह की चाल दशा से आने वाले समय में मानव ही मानव का सबसे बड़ा दुश्मन होगा। और इसका अंत दृंद भौतिकावात बाद से ग्रसित होगा।

(10)-2023 से ग्रहों की चाल अग्रसर की ओर बढ़ रही है । जैसे= अमेरिका,केलिफ़ोर्निया, यूरोप,जर्मनी पुर्तगाल, श्रीलंका, फ्रांस ,ताइवान, चीन, न्यूजीलैंड, दक्षिण अमेरिका के कुछ प्रमुख देश अर्जेन्टीना,ब्यूनस आयसर के कुछ ब्राजील जर्मनी कील का उत्तरी सागर लीपजिस, बलिँन, पेरिस रिम्स, फ्रांस, कील ,उतरी सागर यूरोप का कुछ भाग दक्षिणी यूरोप पर्वत और यूरोप के कुछ राजनीतिक जैसे- अज़रबैजान ,अल्बानिया आइसलैंड ,ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड बेल्जियम, लिचिसतीन , बेलारूस , इत्यादि और एशिया का जल जलवायु प्राकृतिक और एशिया के मुख्य देश और नगर में जैसे मंगोलिया, म्यांमार ,उज़्बेकिस्तान उत्तर कोरिया ,काजिकिस्तान, दोहा ,कंबोडिया ,तुर्कमेनिस्तान, थाईलैंड ,दक्षिण कोरिया मकसार साइप्रस ,इत्यादि आदि देशों में समुद्री तट पर कब्जा और समुंदरी धरातल पर कब्जा होने का योग बनता है जिसके कारण टकराव की स्थिति बनेगी कुछ साल बाद वह जंग का रूप ले लेगी प्राकृतिक विपदा ,जलवायु परिवर्तन और किसी भी प्रकार का खूनी तबाही का योग बनता है विरोधी दलों का वर्चस्व बढ़ेगा और जनतंत्र आक्रोश होगा। और अपना तांडव रूप दिखाएगा ।इसमें राष्ट्रीधिकारी होकर विरोध करेंगे अनेक देशों में युद्ध हो सकता है रक्तपाद का योग बनता है। विश्व के देश मैं – देश के देश में राजनीतिक विश्वास खो दिया हैlऔर राजनीतिक में राजनीतिक से जनता को भंग कर डालेगा lकुल मिलाकर अनुकूल वर्ष नहीं है।

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