Jorhat

JORHAT : चंद्रग्रहण की छाया से जोरहाट भी नही रहा अछूता

ग्रहण काल में बंद हुए बाजार, कीर्तन-पाठ व दान-दक्षिणा में लोगों ने बिताया समय

2022 नवंबर 09/ PRJ न्यूज़ ब्यूरो,जोरहाट:

साल के आखिरी चंद्र ग्रहण पर मंगलवार को  जोरहाट भी इसकी छाया से अछूता नही रहा। ग्रहण काल के दौरान यहां बाजार बंद रहे, वहीं कीर्तन, पाठ व भजन का दौर खूब चला। मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी की तरफ से जारी ग्रहण का समय दोपहर 2:41 बजे से था। वहीं सुबह 5:41 बजे इसका सूतक लगा।

ग्रहण को देखते हुए मंगलवार को  सुबह पांच बजे ही ठाकुरबाड़ी में मंगल आरती हुई और उसके बाद मंदिर के पट दर्शनों के लिए बंद हो गये। हालांकि शहर में अधिकतर लोगों ने जोरहाट में प्रभावी ग्रहण के समय शाम 4:21 बजे का ही पालन किया। जोरहाट के स्टैंडर्ड समय के हिसाब से यह चंद्रोदय का समय था और इसी के साथ यहां ग्रस्तोदय चंद्रग्रहण दिखना शुरू हो गया। शहर के मारवाड़ी पट्टी, कचौरी गली, चैंबर रोड, एटी रोड सहित विभिन्न इलाके ग्रहण काल में बंद नज़र आये। हालांकि गराली में रौनक हमेशा की तरह बनी रही।

यहां गुरुद्वारे में जारी प्रकाश पर्व की धूम पर भी ग्रहण का कोई असर नज़र नही आया। ग्रहण काल में मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी सहित विभिन्न स्थानों पर सत्संग व कीर्तन पाठ हुए। ठाकुरबाड़ी में बनवारी राठी व अन्य साथियों ने ग्रहण का समय प्रभु सुमिरन में बिताया। राजा मैदाम स्थित रॉयल रेजीडेंसी के सोसाइटी रूम पर आज सुन्दरकाण्ड पाठ किया गया। पाठ वाचक महावीर गट्टानी के कंठस्थ स्वर के साथ यहां सोसाइटी के मदनगोपाल बिहानी, मनोज बागड़ी, बिनोद बजाज, सीए ओमप्रकाश पृथानी सहित अन्य लोगों ने पाठ में सहभागिता की। इस मौके पर महिलाओं की उपस्थिति भी देखी गयी।

सेउनी आली स्थित सदाबहार कॉलोनी में गायक कैलाश पारीक के निवास पर आयोजित सत्संग में कॉलोनी के लोगों की भीड़ जुटी, वहीं रूपाहि आली में नागर रतावा के निवास पर मस्त मंडल के मस्तानों ने आज ग्रहण काल में चार घंटे मैराथन कीर्तन किया। उल्लेखनीय है कि भारत में मंगलवार को पूर्ण चंद्र ग्रहण अरुणाचल प्रदेश के इटानगर में सबसे पहले नजर आया। इसके बाद गुवाहाटी, सिलीगुड़ी, कोलकाता, पटना, रांची, में भी पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई दिया। हालांकि भारत के कई हिस्सों में आंशिक चंद्र ग्रहण ही नजर आया।

यह चंद्र ग्रहण उत्तरी-पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशान्त महासागर, हिन्द महासागर, उत्तर अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के अधिकांश हिस्सों में दिखाई दिया। ग्रहण की शुरूआत सबसे पहले अमेरिका से हुई। चंद्र ग्रहण का ऐसा नजारा अब तीन साल बाद 2025 में देखने को मिलगा। इन तीन सालों में आंशिक चंद्र ग्रहण तो लगेंगे लेकिन पूर्ण चंद्र ग्रहण साल 2025 में ही दिखाई देगा।

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