Assam

ASSAM : गुवाहाटी हाईकोर्ट ने रंजन दैमारी की उम्रकैद की सजा रखी बरकरार

2022 सितंबर 28 /PRJ न्यूज़ ब्यूरो :

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एनडीएफबी प्रमुख रंजन दैमारी को अक्तूबर 2008 में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के मामले में विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा मंगलवार को बरकरार रखी।

असम में हुए इन विस्फोटों में 88 लोगों की मौत हुई थी, जबकि  540 लोग घायल हो गए थे। अदालत ने छह अन्य लोगों द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया, जबकि विशेष अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा पाने वाले चार अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।

उल्लेखनीय है कि दैमारी के वकील मानस शरणिया ने कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। न्यायमूर्ति सुमन श्याम और न्यायमूर्ति मालाश्री नंदी की खंडपीठ ने विशेष अदालत द्वारा 30 जनवरी, 2019 को दैमारी को सुनाई गई सजा बरकरार रखी। उल्लेखनीय है कि अदालत ने ओंसाई बोड़ो, नखरा बासुमतारी, इंद्र ब्रह्मा और जयंती ब्रह्मा को बरी कर दिया।  दैमारी के अलावा इस मामले में जॉर्ज बोड़ो, बी. थराई, राजू सरकार, बविसागु बासुमतारी, अजय बासुमतारी और राजन गोयारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राजू सरकार और बविसागु बासुमतारी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं, लेकिल उन्हें जल्दी ही जेल लौटना होगा। दैमारी और अन्य लोगों को 2019 में विशेष अदालत ने सजा सुनायी थी। उस फैसले को इन लोगों ने  उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। एनडीएफबी ने 30 अक्तूबर, 2008 को नौ जगहों पर विस्फोट किया था। इस दौरान गुवाहाटी और कोकराझार में तीन-तीन, बरपेटा में दो और बंगाईगांव में एक जगह विस्फोट हुआ था।

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