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JORHAT : जोरहाट परिवहन विभाग ने फिर तोड़ा राजस्व संग्रह का रिकॉर्ड

2023 मार्च 30/ PRJ न्यूज़ ब्यूरो:
डीटीओ मनीरूद्दीन अहमद की तत्परता ने किया प्रदेश का ध्यान आकर्षित, कार्य संस्कृति का अनूठा उदाहरण

जोरहाट जिला परिवहन विभाग ने राजस्व अर्जित करने में एक बार फिर खुद के रिकॉर्ड को ही पीछे छोड़ते हुए नया आकंड़ा तय किया है। डीटीओ मनीरुद्दीन अहमद की काम के प्रति लगन और निष्ठा ने सरकारी खजाने में राजस्व के रूप में फिर एक बड़ी राशि जमा करवाई है। बीते साल भी अहमद को नया लक्ष्य तय करने के लिए तत्कालीन परिवहन मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने सम्मनित किया था।

ताजा अपडेट देते हुए अहमद ने बताया कि इस साल विभाग ने अपने तय लक्ष्य 60 करोड़ 71 लाख को पीछे छोड़ दिया है। कल 28 मार्च तक राजस्व के रूप में जमा राशि 62 करोड़ 22 लाख रुपए तक पहुंच गई है। वहीं महीने के तीन दिन अभी शेष है। इस सफलता का श्रेय अहमद अपनी बारह सदस्यीय टीम को देते है, जो दिन-रात काम पर लगी है। अपनी ड्यूटी के दौरान अहमद ने जहां कार्यालय में घंटों बिताये, वहीं देर रात तक फील्ड में जाकर भी उन्होंने विभाग के कार्यों को अंजाम दिया। चालू वित्त वर्ष में हर महीने पांच से सात करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित कर उन्होंने एक बार फिर पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है।

इस काम में उन्हें सरहाना के साथ आलोचना भी झेलनी पड़ी, लेकिन अहमद अपने मिशन पर लगे रहे। चालू वित्त वर्ष में ओवर स्पीड के 10,500 मामले विभाग ने दर्ज किए। वहीं 600 से अधिक ओवर लोडिंग के केस भी सामने आए। राजस्व संग्रह के मामले में ट्रैफिक नियम भंग करने वालों से 3.67 करोड़ रुपए जुर्माने के रूप में वसूले गए। वहीं शेष राशि कर (फाइन) के रूप में विभाग ने वसूल की। इस अभियान में कई चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करते हुए अहमद जहां कठोर नजर आए, वहीं कार्मेल स्कूल सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता शिविर में वे नियमों का पाठ पढ़ाते दिखे। बस चालकों को डैश बोर्ड पर अपने परिवार की फ़ोटो लगाना अनिवार्य कर उन्होंने दुर्घटना को कम करने की अनूठी पहल की। डॉन बॉस्को स्कूल के एक बस ड्राइवर को नशे में धुत्त होकर बस चलाते हुए उन्होंने रंगे हाथ घात लगाकर पकड़ा।

इस मामले में बस चालक को चार महीने पांच दिन की सजा हुई। वहीं दस हजार रुपए का जुर्माना भी देना पड़ा। अहमद की इस कठोरता ने अन्य बस चालकों को सचेत किया। विभाग के कार्यालय में जहां अहमद के आने से पहले फाइलों का अंबार लगा था, वहीं अब रोजमर्रा के आधार पर वे फाइले निपटा रहे है। जिला प्रशासन के अंतर्गत आने वाले लगभग चार दर्जन विभागों में परिवहन विभाग को सर्वाधिक सक्रिय कहा जाए तो अतिशयोक्ति नही होगी। डीटीओ मनीरूद्दीन अहमद की तत्परता इसके पीछे बड़ी वजह है।

अहमद खुद की प्रतिस्पर्धा खुद से ही मानते है और आगामी वित्त वर्ष में नए लक्ष्य तय करने में फिलहाल व्यस्त है। उन्होंने कहा कि विभाग का मकसद कार्रवाई कर सजा देना या जुर्माना वसूलना नही बल्कि लोगों को नियमों के प्रति आगाह करना है। हेलमेट का उदहारण देते हुए अहमद ने बताया कि शहर में अब लगभग सौ फीसदी दुपहिया वाहन चालक और सवार हेलमेट लगा रहे है। इसमें जुर्माने के डर के साथ ही अब धीरे-धीरे नियमों को लेकर जागरूकता नजर आ रही है।

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