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नए संसद के उद्घाटन के बहिष्कार को NDA ने बताया ‘संवैधानिक मूल्यों का घोर अपमान’, समारोह में शामिल होगी YSRC और बीजेडी

2023 मई 25/ PRJ न्यूज़ ब्यूरो:
पीएम मोदी 28 मई को इस नए संसद भवन का उद्घाटन करने वाले हैं.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने के विपक्षी दलों के फैसले की आलोचना करते हुए उनके रुख को देश के लोकतांत्रिक लोकाचार और संवैधानिक मूल्यों का घोर अपमान करार दिया.

एनडीए गठबंधन में शामिल 14 दलों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में विपक्षी दलों से बहिष्कार के फैसले की निंदा करते हुए उनसे पुनर्विचार करने का आग्रह किया. NDA के बयान में कहा गया है, ‘यह केवल अपमानजनक नहीं है, यह हमारे महान राष्ट्र के लोकतांत्रिक लोकाचार और संवैधानिक मूल्यों का घोर अपमान है. अगर वे (विपक्षी दल )अपने रुख पर कायम रहते हैं तो भारत के लोग ‘हमारे लोकतंत्र और उसके चुने हुए प्रतिनिधियों के अपमान को’ माफ नहीं करेंगे.

उद्घाटन समारोह में शामिल होगी बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस
इस ओडिशा की सत्ताधारी बीजू जनता दल (बीजेडी) ने कहा कि उनकी पार्टी 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल होगी. पार्टी ने एक बयान जारी करके कहा, ‘बीजेडी का मानना ​​है कि संवैधानिक संस्थाओं को इस तरह के किसी भी मुद्दे से ऊपर होना चाहिए जो उनकी पवित्रता और सम्मान को प्रभावित कर सकता है. बीजद इस महत्वपूर्ण अवसर का हिस्सा होगा.’

इसके अलावा आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने भी बुधवार को पुष्टि की कि उनकी पार्टी 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन में शामिल होगी. रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भव्य, शानदार और विशाल संसद भवन राष्ट्र को समर्पित करने के लिए बधाई देते हुए ट्वीट किया, ‘लोकतंत्र की सच्ची भावना के तहत, मेरी पार्टी इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होगी.’

19 विपक्ष दल ने किया बहिष्कार का ऐलान
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को संसद के नए भवन का उद्घाटन करेंगे. वहीं कांग्रेस सहित विपक्ष के 19 दलों ने ऐलान किया कि वे नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करेंगे. उन्होंने दलील दी कि यह उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों किया जाना और इस समारोह से उनको दूर रखकर ‘अशोभनीय कृत्य’ किया गया है.

उधर सरकार ने इस समारोह का बहिष्कार करने के फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए विपक्षी दलों से अपने रुख पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्षी दल गैर-मुद्दे को मुद्दा बना रहे हैं और पूर्व में भी प्रधानमंत्रियों ने संसद भवन परिसर में इमारतों का उद्घाटन किया है.

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