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JORHAT : इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग में बरतनी होगी आवश्यक सावधानी : नागेश सिंह

2022 नवंबर 18 / PRJ न्यूज़ ब्यूरो:

केंद्र सरकार की नीति के तहत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल में पेश आ रही दिक्कतों पर बृहस्पतिवार को  प्रेस क्लब में एक पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसे लेकर जारी भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिये नार्थ ईस्ट इंडिया पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अपर असम चैप्टर ने आज इसके गुण-दोष पर विस्तार से प्रकाश डाला। जोरहाट प्रेस क्लब में आज अपराह्न आयोजित पत्रकार सम्मेलन में संस्था के कानूनी सलाहकार नागेश सिंह ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से ग्राहकों को ही नही, बल्कि पंप मालिकों को भी सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने कहा कि पंप के टैंक में पानी की थोड़ी मात्रा जमा होना स्वाभाविक है।

ऐसे में इसके चलते पंप मालिकों को नुकसान उठाने के लिए तैयार रहना होगा। सिंह ने कहा कि संस्था इस नुकसान की भरपाई के लिए तेल कंपनियों से बातचीत कर रही है। ग्राहकों को अब खास तौर पर सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि सामान्य पेट्रोल की जगह अब इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की उपलब्धता यहां शुरू हो गयी है। पेट्रोल टैंक में पानी की बूंद प्रवेश करने से इथेनॉल के साथ उसकी रासायनिक प्रक्रिया तत्काल शुरू हो जाती है। इथेनॉल में पानी को अपनी तरफ आकर्षित करने का गुण है और यही समस्या की बड़ी वजह है। दोनों के मेल से पेट्रोल में मौजूद इथेनॉल धीरे-धीरे पानी में तब्दील होने लगता है और इसकी मात्रा बढ़ती चली जाती है।

उन्होंने कहा कि ऊपरी असम में गत एक नवंबर से डिगबोई रिफाइनरी ने दस प्रतिशत इथेनॉल युक्त पेट्रोल की आपूर्ति शुरू की है। फिलहाल हरियाणा से यहां इथेनॉल की आपूर्ति की जा रही है। सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से सालाना तीस हज़ार करोड़ रुपये के विदेशी मुद्रा भंडार की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी में एक साल से जारी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से पेश आ रही समस्या धीरे-धीरे खत्म हो गयी है। क्योंकि वहां लोगों ने जान लिया है कि इस मामले में क्या सावधानी बरतनी है। हमें भी ऐसा ही करना होगा।

पेट्रोल में मिलावट व हेराफेरी को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन के पास पंप सील करना ही पहला और तात्कालिक विकल्प होता है। इससे यह साबित नही होता कि पंप पर लगे आरोप सही है। जांच के बाद ही असलियत सामने आती है। ऐसे में किसी पंप का सील होने मात्र से ही उसे कटघरे में खड़ा नही किया जा सकता। उन्होंने कहा कि संस्था किसी भी गलत हथकंडे का बचाव करने की पक्षधर नही है। पत्रकार सम्मेलन में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल व पानी के संयोग से होने वाले रासायनिक प्रभाव का डेमो भी दिया गया। कार्यक्रम में संस्था के सचिव विजय सिंह सारडा, आईओसी के रिटेल सेल्स मैनेजर उत्पल तालुकदार, वीरेश जैन, राजेन दत्त, संस्था की जिला इकाई के सचिव अंकुश जैन, हीरालाल जैन सहित कई सदस्य मौजूद थे।

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