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JORHAT : जोरहाट में आज से नो एंट्री नया आदेश लागू

समयसीमा में बदलाव से व्यापारी परेशान, चैंबर को विश्वास में न लेने पर उठे सवाल

2022 सितंबर 21/PRJ न्यूज़ ब्यूरो,जोरहाट:

समयसीमा में बदलाव से व्यापारी परेशान, चैंबर को विश्वास में न लेने पर उठे सवाल

जोरहाट में नो एंट्री का दंश मंदी की मार झेल रहे व्यापारियों को कल फिर से कचोटने वाला है। नो-एंट्री की नई समय सीमा ने व्यापारियों के जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। मालूम हो कि जोरहाट ट्रैफिक पुलिस ने आज से नो-एंट्री के समय मे बदलाव करते हुए व्यापारियों को नई परेशानी में डाल दिया है। नए आदेश के तहत अब सुबह 6 से रात 9 बजे तक शहर में नो-एंट्री लागू रहेगी।

इसके चलते व्यापारियों को अब सुबह 6 बजे से पहले तथा रात 9 बजे के बाद माल की लोडिंग व अनलोडिंग करनी पड़ेगी। मालूम हो कि पूर्व में सुबह 8 से रात 9 बजे तक नो-एंट्री की समयसीमा थी। मगर इसमें अब बदलाव कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि ट्रैफिक पुलिस ने अपर असम चैंबर ऑफ कॉमर्स व अन्य व्यवसायी संस्थाओं के साथ बैठक किए बगैर मनमाने ढंग से नए आदेश को लागू कर दिया। ट्रैफिक पुलिस की तरफ से सभी दुकानदारों को आज नई समय सीमा की मौखिक जानकारी दी गई। नो-एंट्री में किए गए बदलाव के चलते व्यापारियों के सामने कई तरह की चुनौतियाँ है। इसमें सबसे बड़ी चुनौती श्रमिकों की उपलब्धता को लेकर है। बड़े बड़े मालवाही वाहनों को खाली करने के लिए श्रमिकों को अब देर रात तक काम करना पड़ेगा, जबकि पहले सुबह 8 बजे तक काफी माल अनलोड हो जाता था।

दो घंटे की समयसीमा की भरपाई अब रात के वक्त करनी होगी। ऐसे में देर रात तक अनलोडिंग करने वाले श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती है। यह उनकी सुरक्षा से जुड़ा मामला भी है। अगर श्रमिक देर रात तक माल की अनलोडिंग नही करते तो व्यापारियों की मुसीबत और भी बढ़ सकती है। सभी बिंदुओं पर गौर करने के बाद यह स्पष्ट है कि नो-एंट्री का नया आदेश व्यापारियों के लिए बड़ी दुविधा का सबब है। इस संबंध में चैंबर अध्यक्ष माखनलाल गट्टानी व सचिव दुलीचंद अग्रवाल ने कहा कि त्योहार के मौसम में सभी ट्रांसपोर्ट कंपनियों के ट्रक माल लेकर बाहरी राज्यों से आ रहे है। नए आदेश के चलते इन ट्रकों को खाली करने में काफी समय लगेगा। पीक ऑवर में दो घंटे कम होने का असर माल की अनलोडिंग पर पड़ेगा।

इससे कारोबार प्रभावित होगा। अध्यक्ष व सचिव ने कहा कि आलू-प्याज के साथ ही अन्य कच्चे माल व गल्ला किराना के थोक व्यापारियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। गट्टानी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर चैंबर ने आज जिला उपायुक्त से संपर्क साधने की कोशिश की, मगर व्यस्तता के चलते जिला उपायुक्त से मुलाकात नही हो पाई। चैंबर पदाधिकारी कल डीसी से मुलाकात कर व्यापारियों की समस्याओं से उन्हें अवगत करवायेंगे। चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले चैंबर को विश्वास में लेना चाहिए था, जिससे व्यापारी अपनी तैयारी कर सके।

वहीं जोरहाट से रोजाना दर्जनों ट्रक खाद्यान्न व अन्य सामान लेकर नागालैंड के अलग-अलग जिलों में जाते है। ऐसे में नागालैंड माल भेजने वाले व्यापारियों के सामने भी आफत आ गई है। इस नई नो-एंट्री की व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। व्यापारियों ने इसे तानाशाही फरमान बताते हुए कहा कि देर रात तक माल ढुलाई करने पर क्या सुरक्षा की गारंटी पुलिस देगी। दिनदहाड़े जब पुलिस की नाक के नीचे छिटपुट वारदातें हो जाती है, तो देर रात का जोखिम कौन उठाएगा। कल सुबह से लागू इस नए आदेश के बाद अब आगे क्या रास्ता निकलता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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