Nagaland

म​हरौली हत्याकांड: पुलिस ने साकेत कोर्ट में दर्ज कराए आफताब और श्रद्धा के 2 दोस्तों के बयान

2022 नवंबर 25 / PRJ न्यूज़ ब्यूरो:
दिल्ली पुलिस ने आफताब और श्रद्धा के 2 दोस्तों के बयान सीआरपीसी 164 के तहत साकेत कोर्ट में दर्ज कराए. (ANI Photo)

महरौली हत्याकांड मामले में दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को आरोपी आफताब और श्रद्धा के 2 दोस्तों के बयान सीआरपीसी 164 के तहत साकेत कोर्ट में दर्ज कराए. दोनों ने कोर्ट को बताया था कि आफताब, श्रद्धा को मारता-पीटता था और जान से मारने की धमकी देता था. वहीं, पुलिस को छतरपुर पहाड़ी इलाके के जंगलों से जो जबड़ा बरामद हुआ था, उसमें कुछ बाल भी फंसे मिले. ये बाल महिला के हैं, जिन्हें डीएनए जांच के लिए लैब भेजा गया है. श्रद्धा और आफताब का एक कॉमन फ्रेंड जो बेंगलुरु में रहता है, दिल्ली पुलिस उससे संपर्क साधने की कोशिश कर रही है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आफताब और श्रद्धा लिव-इन पार्टनर थे. दोनों महरौली में किराए के मकान में रहते थे, जहां आफताब ने श्रद्धा की हत्या कर उसके शव के 35 टुकड़े किए और रेफ्रिजरेटर में स्टोर करके रख लिया. धीरे-धीरे करके वह महीनों तक टुकड़ों को जंगल में फेंकता रहा. पुलिस ने गत 12 नवंबर को आफताब को श्रद्धा वालकर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. उसने पुलिस की पूछताछ में अपना गुनाह कबूल किया है. इधर श्रद्धा हत्याकांड को लेकर पूरे देश में उबाल व रोष है. लोग इस मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

बीजेपी मुंबई अल्पसंख्यक मोर्चा ने आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया. हिमाचल प्रदेश के मंडी में भी श्रद्धा हत्याकांड को लेकर लोग सड़कों पर उतरे. मंडी शहर के सेरी मंच पर तमाम धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं व आम लोगों ने हिमाचल संस्कृति उत्थान ट्रस्ट के बैनर तले इकट्ठा होकर दिल्ली में हुई श्रद्धा की हत्या को लेकर रोष रैली का आयोजन किया. इस रोष रैली में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल समेत तमाम संस्थाओं द्वारा उपायुक्त मंडी के माध्यम से देश के महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया.

ज्ञापन में लोगों ने मांग उठाई है कि श्रद्धा की निर्मम हत्या करने वाले आफताब को जल्द से जल्द फांसी की सजा सुनाई जाए. विश्व हिंदू परिषद मंडी के जिला अध्यक्ष अनुपम टंडन ने कहा कि लव जिहाद के चक्कर में एक बेटी की हत्या हो गई, उसके 35 टुकड़े कर दिए. यह टुकड़े सिर्फ श्रद्धा के शरीर के नहीं थे, यह इंसानियत के टुकड़े थे. उन्होंने कहा कि यह हत्याकांड उन लोगों के लिए सबक है, जो अपने धर्म व संकृति के खिलाफ जाते हैं.

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