Rajasthan

Rajasthan Assembly Elections 2023: क्या वसुंधरा राजे को साइड लाइन कर रही BJP?

Aug/17/2023 PRJ News Bureau

 

राजस्थान चुनावी मोड में आ चुका है. यहां इसी साल अंत तक चुनाव होना है. चुनावी रणभेरी भले अभी नहीं बजी हो,लेकिन राजनीतिक दलों की तैयारी तेज हो चली है. इसी कड़ी में गुरुवार को भाजपा ने दो महत्वपूर्ण समितियों क्रमशः प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति और प्रदेश संकल्प पत्र समिति की घोषणा की, लेकिन इस दोनों समितियों में राजस्थान की कद्दावर भाजपा नेता वसुंधरा राजे का नाम शामिल नहीं है.

 

गौरतलब है राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 10 साल तक राजस्थान में राज किया है. वो प्रदेश में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा रही हैं. लेकिन चुनाव की दोनों समितियों में राजे का शामिल नहीं होना उनके लिए झटका बताया जा रहा है और इसका असर विधानसभा चुनाव में पड़ सकता है.

चुनाव प्रबंधन समिति और मेनिफेस्टो कमेटी में वसुंधरा राजे का नाम शामिल नहीं किया जाना, उन्हें प्रदेश की राजनीति से साइडलाइन किए जाने की ओर संकेत करता है. प्रदेश के सियासी हलकों में इस बात की चर्चा खूब हो रही है. कहा जा रहा है कि भाजपा इस बार वसुंधरा राजे को साइड लाइन कर रही है. आधिकारिक तौर पर तो यह बात नहीं कहा गया है. लेकिन राजस्थान की राजनीति के जानकारों का मानना है कि इस बार भाजपा में भी कई खेमें सक्रिय है.

 

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर गुरुवार को राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए ‘प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति’ और ‘प्रदेश संकल्प पत्र समिति’ की घोषणा की गई। प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति में 21 तो प्रदेश संकल्प पत्र समिति में 25 नेता शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को संकल्प पत्र समिति तो पूर्व सांसद नारायण पंचारिया को चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक बनाया गया है। लेकिन इन दोनों समितियों में राजे का नाम शामिल नहीं है

.राजे खेमे के नेताओं की भी अनदेखी

वसुंधरा राजे के अलावा उनके खेमें के नेताओं को भी इन दोनों समितियों में प्रमुखता से जगह नहीं दी गई है। इस बारे में पूछे जाने पर राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह ने कहा कि वसुंधरा राजे चुनावी कैंपेन का अहम हिस्सा रहेंगी। वो हमारी वरिष्ठ नेता हैं। प्रदेश प्रभारी भले ही राजे को चुनावी कैंपेन में शामिल किए जाने की बात कर रहे हो लेकिन चुनाव से जुड़ी दो अहम समितियों में राजे को शामिल नहीं करना कई सियासी सवालों को जन्म दे रहा है.

 

जेपी नड्डा की टीम में शामिल हैं वसुंधरा राजे

बीते दिनों 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नई टीम बनाई थी. इस टीम में वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. राजे को राज्य से बाहर केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने के समय से ही यह चर्चा हो रही थी कि उन्हें राजस्थान से दूर रखने की कोशिश की जा रही है. हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता. लेकिन सियासी जानकारों की अटकलें ऐसी ही हैं.

मेघवाल मेनिफेस्टो कमेटी के संयोजक

केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को प्रदेश संकल्प पत्र समिति का संयोजक बनाया गया है. इसका मतलब यह है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के घोषणा पत्र की जिम्मेवारी मेघवाल संभालेंगे. इस काम में सह-संयोजक की भूमिका में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी, किरोड़ीलाल मीणा, राष्ट्रीय मंत्री व पूर्व विधायक अल्का सिंह गुर्जर, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष मेहरिया, प्रभुलाल सैनी और राखी राठौड़ शामिल है. इसके अलावा सदस्य के रूप में भी कई भाजपा नेताओं का नाम शामिल है.

पंचारिया प्रबंधन समिति के संयोजक

प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद नारायण पंचारिया चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक बनाए गए हैं. पूर्व प्रदेश महामंत्री ओकार सिंह लखावत, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़, प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, दामोदर अग्रवाल, सी.एम.मीणा, कन्हैयालाल बैरवाल को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है. भाजपा राजस्थान ने ट्वीट करते हुए दोनों समितियों की जानकारी दी.

राजे के अलावा और भी कई बड़े नेताओं के नाम नदारत

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया के अलावा प्रदेश के कई और बड़े नेताओं का नाम इन दोनों समितियों में शामिल नहीं है. जिसमें बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पार्टी इन चार्ज अरुण सिंह, गजेंद्र शेखावत, सतीश पुनिया और नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर शामिल नहीं है. राज्य के चुनाव तक यह देखना दिलचस्प होगा कि वसुंधरा राजे का इस्तेमाल पार्टी कैसे करती है. यदि उन्हें साइटलाइन किया जाता है तो उनकी जगह कौन लेगा?

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