Jorhat

Jorhat : हिन्दी हाई स्कूल के संस्थापक व पूर्व प्रधानाध्यापक शिक्षक रवींद्र राय के निधन से एक युग का अवसान- विभिन्न संगठनों ने जताया शोक

2022 अगस्त 25/ PRJ न्यूज़ ब्यूरो, जोरहाट:

शहर के वरिष्ठ शिक्षक और हिंदी हाई स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य रवींद्र राय (82) का बुधवार 24 अगस्त ,2022 को शाम स्थानीय मालपानी अस्पताल में निधन हो गया। साल 1962 में राष्ट्रभाषा विद्यालय से अपना शैक्षणिक कैरियर शुरू करने वाले राय ने यहां 20 सालों की सेवा के दौरान कई प्रतिभाओं को तराशा। साल 1983 में हिंदी हाई स्कूल की स्थापना के दौरान मुहिम को नेतृत्व देने वाले राय बाद में यहीं के होकर रह गए। साल 2013 में स्कूल का प्रादेशीकरण होने के बाद उन्होंने अवकाश ले लिया।

अंग्रेजी जैसे जटिल विषय को छात्रों के लिए सहज कर देने वाले राय राष्ट्रभाषा विद्यालय में छात्रों की पहली पसंद रहे। वहीं बाद में हिंदी हाई स्कूल में अपना खून पसीना लगाकर होनहार छात्रों की उन्होंने एक फ़ौज तैयार की। राय पिछले कई दिनों से वृद्धावस्थाजनित रोगों को झेल रहे थे। उन्हें लगातार समस्या पेश आ रही थी। हाल ही में उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन इस बार तबीयत नही सुधरी और बुधवार को  शाम 6.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताते हुए हिंदी हाई स्कूल के हेडमास्टर शरद प्रकाश कर्ण व सहायक शिक्षक स्कन्द कुमार मिश्रा ने कहा कि आज स्कूल ने अपना एक अभिभावक खो दिया। राष्ट्रभाषा विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव सुशील कलानी ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल के पूर्व शिक्षक होने के नाते उनके निधन से पूरा विद्यालय शोक में है। लेखक व इतिहासकार ओमप्रकाश गट्टानी ने कहा कि राय शिक्षा के प्रति अपने समर्पण की वजह से याद किए जाएंगे।

एक पूर्व छात्र के नाते यह बात मैंने नजदीक से महसूस की है। राय के पूर्व छात्र रहे अपर असम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष माखनलाल गट्टानी ने उनके निधन पर पुरानी स्मृतियों को याद करते हुए कहा कि लायंस क्लब की तरफ से शिक्षक दिवस पर उनका अभिनंदन करने के दौरान बीते साल उनके घर पर मुलाकात हुई थी। उस दौरान प्रोत्साहन के उनके दो शब्दों ने एक नई ऊर्जा का संचार किया। पूर्व पार्षद अशोक मालपानी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के वे बड़े प्रतिनिधि थे और इस दौर में उनके कद का शिक्षक मिलना दुर्लभ है।

दिलीप करनानी ने निधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मस्तमौला स्वभाव के धनी राय सर छात्रों के साथ दोस्ताना माहौल बनाकर भारी भरकम विषय को भी हल्का कर देते थे।  ने उनकी शिक्षण शैली को याद करते हुए बताया कि बुक कीपिंग जैसे विषय को भी उन्होंने सरल भाषा में पढ़ाया और वे इसका लाभ ले चुके है।

मिथिला सेवा मंच के परशु राम झा , प्रबोध मिश्रा,संजीत आचार्य, मनीष घोष ,पवन यादव, देवेन्द्र पंडित,  उत्तर प्रदेशीय समाज जोरहाट के महासचिव सत्येंद्र नाथ उपाध्याय, प्रचार सचिव सूरज प्रसाद, अखिल असम कलवार समाज केंद्रीय समिति के जिला अध्यक्ष राम मनोहर जायसवाल,  केंद्रीय प्रचार सचिव राजकुमार चौधरी  ने  राय के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को शांति और शोक संतप्त परिवार को संबल प्रदान करने का अनुरोध परमपिता परमेश्वर से किया है।

राय अपने पीछे पत्नी व पांच पुत्र सहित भरापूरा परिवार छोड़ गए है। मालूम हो कि दिवंगत रवींद्र राय शहर के वरिष्ठ पत्रकार सतीश राय के पिता थे। उनके निधन के बाद दिगंबर चुक स्थित उनके घर पर आज शाम लोगों का तांता लग गया।

उनका अंतिम संस्कार आज  दिन के 11 बजे स्थानीय गड़मुर श्मशान में किया जाएगा।

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