Bihar

बिहार में जनता नहीं, चल रहा जंगलराज – बेगूसराय शूटआउट पर भड़की भाजपा

बिहार के बेगूसराय में मंगलवार को हुए गोलीबारी को लेकर बीजेपी ने बिहार सरकार पर जमकर हमला बोला है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा है कि बिहार जनता राज नहीं गंडाराज है। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने भी सरकार को घेरा है।

2022 सितंबर 14/PRJ न्यूज़ ब्यूरो, बिहार:

बिहार के बेगूसराय शूटआउट में दो नहीं चार शूटर थे शामिल

भाजपा प्रदेश में विधि-व्यवस्था की स्थिति और बेगूसराय गोली कांड को लेकर सरकार पर हमलावर हो गई है। घटना के विरोध में बुधवार को बेगूसराय सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की अपील पर बेगूसराय शहर बंद रहा। विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय सिन्हा और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपराधियों की गोली से मारे गए चंदन कुमार के स्वजनों से जाकर मुलाकात की। अंतिम यात्रा में शव को कंधा दिया। इससे पहले पूर्व मंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता  शाहनवाज हुसैन अस्पताल जाकर घायलों से मिले। भाजपा नेताओं ने घायलों के स्वजन को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल ने पार्टी प्रदेश मुख्यालय में पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रेस कान्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनताराज को गुंडाराज बताया। नीतीश कुमार का अधिकारियों पर पकड़ समाप्त होने को लेकर कटाक्ष किया।

नीतीश के गुंडाराज में हर ‘गुंडा’ ‘राजा’ :  जायसवाल
प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल ने बेगूसराय की घटना पर भड़कते हुए कहा कि बिहार में अब जंगलराज नहीं, नीतीश कुमार का गुंडाराज है, जहां हर ‘गुंडा’ ‘राजा’ बन गया है। उन्होंने कहा कि जंगल राज में भी एक राजा होता है, लेकिन अभी नीतीश कुमार का गुंडाराज है जहां सभी ‘गुंडा’ ‘राजा’ बन गए हैं। सभी जिलों में ‘गुंडे’ खुद की सरकार बताकर घटना को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हम दिल्ली में पिकनिक मनाने वाले विपक्ष नहीं है। जब हम सत्ता में तब भी कानून व्यवस्था, शराबबंदी और शिक्षा के मामलों को उठाते थे, अब विपक्ष में भी सरकार को सचेत करते रहेंगे।
गृह मंत्री पद से इस्तीफा दें नीतीश – विजय सिन्हा
विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता विजय सिन्हा ने बेगूसराय अस्पताल जाकर बुधवार को पीड़ित एवं उनके स्वजन से भेंट की। उन्होंने गोलीबारी की इस घटना को अत्यंत शर्मनाक एवं दुखद बताया है। छह थानों और तीन ओपी की पुलिस की नाकामी पर कहा कि यह राज्य में पुलिस व्यवस्था की बदहाल स्थिति को दर्शाता है। सिन्हा ने कहा कि गृह विभाग की कमान विगत 17 वर्षों से मुख्यमंत्री नीतीश ने स्वयं संभाला रखा रहा है। पुलिस और प्रशासन बालू एवं शराब बिक्री से उगाही में  संलिप्त है।

डीजीपी नहीं उठाते फोन’

विजय सिन्हा ने आरोप लगाया कि डीजीपी फोन करने पर फोन नहीं उठाते हैं। खुद को सत्ता द्वारा सुरक्षित समझे जाने के कारण पुलिस महानिदेशक जनप्रतिनिधियों को कुछ नहीं समझते हैं। मुख्यमंत्री पुलिस महानिदेशक का अहम पद एक गैर जिम्मेदार और लापरवाह अधिकारी को देकर स्वयं बिहार में हो रही आपराधिक घटनाओं के मूकदर्शक बने बैठे हैं। बेगूसराय में हुए दुर्भाग्यपूर्ण गोलीकांड की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को गृह विभाग से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैसल ट्रेन दुर्घटना (1999) के बाद जैसे नीतीश कुमार नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रेलमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। आज भी नैतिकता का वही मानदंड लोगों के सामने रखने का वक्त है।

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