Jorhat

JORHAT : असम कृषि विश्वविद्यालय में किसान उत्पादक संस्था का दो दिवसीय समारोह शुरू

जलवायु परिवर्तन के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़े किसान : अतुल बोरा

2022 अक्टूबर 22 / PRJ न्यूज़ ब्यूरो :

जिले के बरभेटा स्थित असम कृृषि विश्वविद्यालय में आज से दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत किसान उत्पादक संस्था का समारोह शुरू हुआ। आज समारोह के पहले दिन आयोजित सभा में हिस्सा लेते हुए राज्य के कृृषि मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि किसान उत्पादक संस्था के जरिए राज्य में एक आर्थिक कृषि क्रांति की शुरूआत होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षित युवा कृृषि क्षेत्र के प्रति आकर्षित दिख रहे है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में यह युवक कृृषि क्षेत्र को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि असम की भूमि और जलवायु कृृषि कार्यों के लिए उपयोगी है।

असम कृृषि विश्वविद्यालय के नवाचारों के जरिए राज्य के किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के साथ तालमेल बिठाते हुए किसानों को आगे बढ़ने की बात कही। मंत्री बोरा ने राज्य के किसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा लागू की गयी विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों से आह्वान किया। कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए राज्य के जनस्वास्थ्य तकनीक व पर्यटन मंत्री जयंतमल्ल बरुवा ने कहा कि किसानों को नवाचार का ज्ञान होना आवश्यक है। कृृषि क्षेत्र के विकास के लिए और अधिक अनुसंधान की आवश्यकता है, जिसका भार असम कृृषि विश्वविद्यालय के कंधो पर है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों की भूमि का गुण अलग-अलग होता है।

ऐसे में अगर असम के लिए दिल्ली की योजना का खाका भेजा जाएगा तो यह असम में फलीभूत नही हो सकती है। असम कृृषि विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक तथा आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रसन्न कुमार पाठक ने समारोह में स्वागत भाषण पेश किया। सभा में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विद्युत चंदन डेका ने अपने संबोधन में कहा कि किसान उत्पादक संस्था के जरिए राज्य में एक जागरूकता का माहौल पैदा हो रहा है।

असम कृृषि विश्वविद्यालय भी सौ कृृषक उत्पादक संस्था गठन करने के प्रयास में जुटी है। उन्होंने कहा कि किसानों के उत्पाद बढ़ने के चलते ही देश की जीडीपी बढ़ती है। विश्वविद्यालय राज्य सरकार के सहयोग से इस क्षेत्र में काम कर रही है। कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के सांगठनिक सचिव दिनेश कुलकर्णी ने अपने संबोधन में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान पथार और बाजार नामक एक कृृषि मोबाइल एप, विश्वविद्यालय के ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म तथा एक ग्रंथ का भी विमोचन किया गया। इस दौरान राज्यसभा सांसद कामाख्या प्रसाद तासा, आयोजन समिति के सचिव डॉ. रूपम बरगोहाईं ने अपने विचार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय के माधव चंद्र दास सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कृृषि वैज्ञानिक, अध्यापक, किसान उत्पादक संस्था के पदाधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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