Assam

ASSAM : किसी भी हाल में अब असम का नहीं होगा बंटवारा

2022 सितंबर 07/PRJ न्यूज़ ब्यूरो,असम:

कोकराझाड़ के बडोफा नगर स्थित बीटीसी सचिवालय में मंगलवार को असम सरकार की ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। सीएम डॉ.शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में  कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक के बाद फैसलों की जानकारी खुद मुख्यमंत्री ने दी। सीएम ने बताया कि हमने यह फैसला लिया है कि असम के 48 पुराने कानूनों को रद्द किया जाएगा। साथ ही  जिला पुलिस जवाबदेही आयोग का गठन किया जाएगा ताकि  पुलिस को जबाबदेह बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि 12 सितंबर से असम विधानसभा का अधिवेशन शुरू होगा।

उन्होंने कहा कि अब बोड़ो भाषा की पढाई बारहवीं तक संभव हो सकेगी। साथ ही बीटीआर के 10 महाविद्यालयों का सरकारीकरण किया जाएगा। बीटीआर में सड़कों  के निर्माण के लिए गुडविल प्रोजेक्ट शुरू होगा। बीटीआर के विकास के लिए इस बार 250 करोड़ व अगले साल 250 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।  दूसरी ओर 24, 25, 26 सितंबर को काजीरंगा में  चिंतन बैठक का आयोजन किया जाएगा, इसमें मंत्री, विधायक और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य राज्यों के अधिकारी भी शामिल होंगे।

सीएम ने कहा कि एक लाख भर्ती प्रक्रिया द्रुतगति से जारी है और इसके तहत 22 सितंबर को 12 हजार लोगों को नियुक्ति दी जागी, 23 सितंबर को 4500 जल मित्रों को नियुक्ति दी जाएगी। इसके अलावा 10 नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। एपीडीसीएल में पांच हजार, वन विभाग में पांच हजार भर्ती प्रक्रिया के लिए भी विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शनकारी लोग अपने लाभ के लिए ही विरोध प्रदर्शन करते हैं, देश के लिए नहीं। सीएम ने यह खुलासा किया कि असम का विभाजन दोबारा संभव नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि केएलओ के अध्यक्ष जीवन सिंह से टेलीफोन से बातचीत चल रही है। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में आधार कार्ड को राशन कार्ड से जोड़ने के दौरान सरकार को 50 लाख लाभार्थियों का अंतर मिला है। आधार और राशन कार्ड को जोड़ने के अभियान के बाद हमें पता चला  कि करीब 50 लाख लाभार्थी सेवा लेने के लिए नहीं आए हैं। कुछ लोगों की संभवतः मृत्यु हो गई होगी जबकि कुछ लोग विवाह और अन्य कारणों से दूसरी जगह चले गए होंगे।

दुर्भाग्य की बात यह है कि कुछ फर्जी नाम भी मिले हैं।इन लापता लाभार्थियों के कारण सरकार के पास काफी धन की बचत होगी जिसका उपयोग वह सही लोगों को सूची में जोड़ने के लिए करेगी। उन्होंने बताया कि हम राष्ट्र खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत नये 50 लाख लोगों को शामिल करेंगे। उन्होंने बताया कि अरुनोदोई’ योजना के तहत करीब 62,000 लोग अपात्र पाये गए जबकि 2,000 लोगों ने स्वेच्छा से इस योजना के तहत लाभ लेने से मना कर दिया।

राज्य सरकार इस योजना के तहत करीब 20 लाख लाभार्थी परिवारों को मासिक 1,250 रुपए की राशि देती है। हमें वास्तविक संख्या का ज्ञान तभी होगा। मैं आशा करता हूं कि जिन्हें बाहर किया गया है, उनके स्थान पर एक लाख नये लाभार्थी जोड़े जाएंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार सितंबर में असम के आदिवासी उग्रवादी समूहों के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर सकती है।

इस संबंध में विस्तृत जानकारी दिए बगैर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल के तहत पूरी की जा रही है।

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