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सर्दियों में एनर्जी लेवल को बूस्ट करता है सिंघाड़ा, जानें इसके अमेजिंग हेल्थ बेनिफिट्स

 

सिंघाड़ा पानी में उगता है इसलिए इसे पानीफल भी कहते हैं सिंघाड़े में भरपूर फाइबर पाया जाता है और फैट कम होता है सिंघाड़े का ग्लाइकेमिक इंडेक्स कम होने पर ये शुगर में फायदा करता है

सर्दियों में बाजार में आपने सिंघाड़े की भरमार देखी होगी. नदी तालाब में उगने वाला ये फल गहरे हरे रंग का होता है. कई जगह इसे पानीफल भी कहा जाता है. देखा जाए तो सिंघाड़ा स्वाद के साथ- साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है. सिंघाड़े की लगभग  100 ग्राम मात्रा में, 97 कैलोरी,24 ग्राम कार्ब ,तीन ग्राम प्रोटीन, चार ग्राम फाइबर और 0.1 फैट यानी ना के बराबर फैट होता है. ऐसे में इसे सेहत के लिए रामबाण कहा जा सकता है. सिंघाड़ा कई तरह की बीमारियों से बचाने के साथ-साथ शरीर के ऊर्जा लेवल को बूस्ट करता है. आइए जानते हैं अन्य फायदे-

वेट लॉस में कारगर
हेल्थलाइन के अनुसार सिंघाड़े में कम फैट होने और खूब कैलोरी होने की वजह से इसे वेट लॉस में फायदेमंद माना जाता  है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो देर तक पेट भरा रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती. इसलिए सिंघाड़े को वेट लॉस में भी सहायक माना जाता है.

पाइल्स में राहत दिलाए
सिंघाड़ा पाइल्स यानी बवासीर में  भी काफी फायदा कर सकता है. दरअसल सिंघाड़े में मौजूद फाइबर मल को नरम करता है और बवासीर के दर्द को भी कम कर सकता है. इसके सेवन से मल त्याग में आसानी होती है जिससे पाइल्स की परेशानी पर जल्द लगाम लगाई जा सकती है.

प्रेग्नेंसी में भी फायदेमंद
प्रेग्नेंसी के टाइम में सिंघाड़े का सेवन करने से महिलाओं के शरीर को जरूरी सभी तरह के प्रोटीन और मिनिरल्स प्राप्त हो सकते हैं. ऐसे वक्त में संक्रमण से बचने की जरूरत होती है और सिंघाड़े में मौजूद विटामिन सी प्रेग्नेंट महिला के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है जिससे महिला और गर्भ में पल रहा शिशु दोनों ही सुरक्षित होते हैं.

मधुमेह में करे फायदा
स्टाइल क्रेज के मुताबिक दरअसल सिंघाड़े का ग्लाइकेमिक इंडेक्स काफी कम होता है इसलिए शुगर के मरीजों के लिए ये फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद हाई फाइबर शरीर में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ने से रोकते हैं.

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